Zee Entertainment share Price: जी एंटरटेनमेंट का शेयर 31 अगस्त को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। हालांकि, 10 फीसदी तक गिरने के बाद इसमें कुछ रिकवरी दिखी। इस शेयर में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली। 31 अगस्त को 12 बजे शेयर 7.71 फीसदी गिरकर 93.64 रुपये पर चल रहा था। आखिर शेयर में लगातार गिरावट की क्या वजह है?
NCLT ने पिछले हफ्ते रिपेमेंट प्लान को दी थी मंजूरी
नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने पिछले हफ्ते जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा के पर्सनल इनसॉल्वेंसी मामले में उनकी तरफ से पेश रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दी थी। इस प्लान के तहत क्रेडिटर्स यानी जी ग्रुप की कंपनियों को लोने देने वाले बैंक और एनबीएफसी को 22,006.57 करोड़़ रुपये के दावे के मुकाबले सिर्फ 6.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह कुल देनदारी से 99.97 फीसदी कम है।
कुछ बैंक और NBFC रिपेमेंट प्लान को चैलेंज करेंगे
अब जी ग्रुप को कर्ज देने वाली कुछ कंपनियों और बैंकों ने NCLT के एप्रूवल को चैलेंज करने का फैसला किया है। इनमें यूनियन बैंक ऑफ इडिया, केनरा बैंक और LIC Housing Finance शामिल हैं। ये NCLAT में रिपेमेंट प्लान के खिलाफ अपील करेंगे। उनके इस प्लान का असर 31 अगस्त को जी एंटरटेनमेंट के शेयरों पर देखने को मिला।
इन बैंक और एनबीएफसी ने रिपेमेंट प्लान का किया था विरोध
बीते हफ्ते के आखिर में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कहा था कि चंद्रा की इनसॉल्वेंसी प्रोसिडिंग्स में उनकी (तीनों को मिलाकर) 8.45 फीसदी वोटिंग शेयर थे। उन्होंने रीपेमेंट प्लान का विरोध किया था। लेकिन, इसे इसलिए मंजूरी मिली क्योंकि इस प्लान के पक्ष में 80.81 फीसदी वोट मिले।
जी एंटरटेनमेंट का शेयर बीते एक साल में 18 फीसदी गिरा है
Zee Entertainment देश की बड़ी एंटरटेनमेंट और मीडिया कंपनियों में से एक है। यह शेयर इस साल अब तक 3.26 फीसदी चढ़ा है। हालांकि, बीते एक साल में इसमें करीब 18 फीसदी गिरावट आई है। इधर, 31 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी 0.50 फीसदी यानी 120 अंक गिरकर 24,056 पर चल रहा था। सेंसेक्स भी 0.41 फीसदी यानी 320 अंक गिरकर 76,942 पर चल रहा था।