ZEEL Share Price : ज़ी एंटरटेनमेंट (ZEEL)की कल यानी 31 जुलाई को हुई ईजीएम में शेयरधारकों ने प्रमोटर ग्रुप से ₹3143 करोड़ के फंड जुटाने और नया एंप्लॉयड स्टॉक ऑप्शन यानी ईएसओपी प्लान लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कंपनी की हैदराबाद स्थित जमीन को SL ग्रुप के लोन के बदले बिना मंजूरी गिरवी रखने पर सेबी ने ZEEL पर 2 महीने और के प्रमोटर सुभाष चंद्रा और सीईओ पुनीत गोयनका पर एक साल का मार्केट बैन लगा दिया है। ऐसे में सवाल है कि क्या शेयर होल्डर्स की मंजूरी वाला वारंट अब लागू होगा? SEBI के नए ऑर्डर के बाद क्या बोर्ड की मंजूरी अब होल्ड करेगी?
इस बीच ज़ी एंटरटेनमेंट (ZEEL) के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कंपनी SEBI के आदेश पर कानूनी सलाह ले रही है। कंपनी पर सिक्योरिटीज मार्केट में कामकाज पर लगी SEBI की रोक का सीधा असर नहीं होगा। यानी इसका कंपनी के फंड जुटाने की योजना पर सीधा असर नहीं होगा।
देश के टॉप लीगल एक्सपर्ट एचपी रनीना की राय है कि फिलहाल कंपनी मौजूदा वारंट इश्यू को आगे नहीं बढ़ा सकती। हम ये मानकर नहीं चल सकते कि आगे कंपनी/प्रोमोटर्स को SAT से कोई राहत मिल ही जाएगी। हो सकता है कि सैट से स्टेट मिल जाए, लेकिन ये पक्का नहीं है।
ZEEL के वारंट इश्यू पर एक नजर
कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने प्रेफरेंशियल वारंट इश्यू से 3143 करोड़ रुपए जुटाने को मंजूरी दी है। इस प्रोमोटर्स की हिस्सेदारी बढ़कर 23.8% होगी। लेकिन हमें इस बात को ध्यान में रखना होगा। कि फिलहाल सेबी ने इस पर रोक लगा दिया है। SEBI के नए ऑर्डर में कहा गया है कि ZEEL की हैदराबाद प्रॉपर्टी को 4 एस्सेल कंपनियों के कर्ज के लिए गिरवी रखा गया। 4 एस्सेल कंपनियों के 726 करोड़ रुपए के कर्ज के लिए प्रॉपर्टी गिरवी रखी गई। SEBI का कहना है कि इसके लिए बोर्ड और ऑडिट कमेटी से मंजूरी नहीं लगी गई। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कंपनी की फंड रेजिंग पर रोक लगाई गई है।
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल कहना है कि अगर सेबी का यह ऑर्डर नहीं आया होता तो यह कंपनी के लिए बहुत बड़ा पॉजिटिव होता। सुभाष चंद्रा जी ने एक बहुत ही स्ट्रांग बिजनेस एंपायर खड़ा किया है। इसमें किसी को कोई डाउट नहीं है। ऐसे में अगर कंपनी में उनकी प्रमोटर होल्डिंग 4% से बढ़कर 24% हो रही होती तो कंपनी को बहुत बड़ा फायदा मिलता। लेकिन फिलहाल के लिए सेबी के ऑर्डर की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा है। हो सकता है कि आगे इस पर कंपनी को राहत मिले। तब की तब देखी जाएगी। लेकिन अभी के लिए राय यह है कि ये स्टॉक काफी चल चुका है। ₹90-80 वाला स्टॉक ₹115 तक आ चुका है। लोअर लेवल से इसमें अब थोड़ी सी अनसर्टेनिटी आ गई है। सेबी का यह ऑर्डर नहीं आया होता तो आज स्टॉक में जोरदार तेजी आती। लेकिन अभी सेबी का ऑर्डर आ गया तो आज स्टॉक गिरेगा।
फिलहाल 12.30 बजे के आसपास यह शेयर 12.20 रुपए यानी 10.65% फीसदी की गिरावट के साथ 102 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज का इसका इंट्राडे लो 100.37 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक लो 68 रुपए है। 1 हफ्ते में ये शेयर 5.93 फीसदी और 1 महीने में 2.57 फीसदी की कमजोरी आई है। 1 साल में इसमें 12.01 फीसदी की कमजोरी आई है।
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