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Zerodha के फाउंडर नितिन कामत ने कहा, शेयर बाजार में सलाहकारों की बेहद कमी

जेरोधा के फाउंडर और CEO नितिन कामत का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में एडवाइजरी इकोसिस्टम की कमी है और यह भारतीय शेयर बाजार की एक बड़ी चुनौती है। कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर कहा कि यूनीक इनवेस्टर्स की संख्या बढ़ रही है, लेकिन रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की संख्या घट रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 08, 2024 पर 10:02 AM
Zerodha के फाउंडर नितिन कामत ने कहा, शेयर बाजार में सलाहकारों की बेहद कमी
नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह राय जाहिर की है।

जेरोधा के फाउंडर और CEO नितिन कामत का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में एडवाइजरी इकोसिस्टम की कमी है और यह भारतीय शेयर बाजार की एक बड़ी चुनौती है। कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर कहा कि यूनीक इनवेस्टर्स की संख्या बढ़ रही है, लेकिन रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की संख्या घट रही है। जेरोधा फंड हाउस के CEO का कहना था, ' 2020 में यूनीक इनवेस्टर्स की संख्या 3 करोड़ ती, जो अब बढ़कर 10 करोड़ हो गई है। हालांकि, रजिस्टर्ड इनवेस्टर्स एडवाइजर्स की संख्या में बढ़ोतरी नहीं देखने को मिल रही है। यहां तक कि यह संख्या घट ही रही है।'

कामत ने बताया कि किस तरह से किस तरह से यूनीक इनवेस्टर्स की संख्या 2020 के 3 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ हो गई। हालांकि, रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (RIA) की संख्या नहीं बढ़ी है। उनके मुताबिक, RIA की संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है। उन्होंने कहा, ' हमारे पास सिर्फ 900 रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर है और ये सभी बेहतर ढंग से काम नहीं करते हैं।' कामत का कहना था कि एडवाइजर्स की संख्या घटकर आधे से भी कम रह गई है और देश के 10 करोड़ निवेशकों के लिए एडवाइजर्स की (सलाहकारों) की संख्या महज सैकड़ों में सिमट कर रह गई है।

भारत में 2.7 लाख म्यूचुअल फंड डिस्ट्रिब्यूटर हैं, लेकिन यह निवेशकों के लिए पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक, अगर इंश्योरेंस सेगमेंट से इसकी तुलना की जाए, तो यहां 27 लाख से भी ज्यादा इंश्योरेंस एजेंट हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, 'जैसे-जैसे हमारा मार्केट बढ़ेगा, सलाहकारों की संख्या भी तेजी से बढ़ानी होगी, ताकि नए निवेशकों को मदद उपलब्ध कराई जा सके।'

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