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नितिन कामत ने कहा- टेक्नोलॉजी के मामले में सेबी की कोशिशों की वजह से आज रिटेल ट्रेडर्स कर रहें अच्छी कमाई

क्लाइंट्स ब्रोकरेज के जरिए शेयर खरीदते और बेचते हैं। इसके पीछे एक जटिल प्रोसेस काम करता है। इस प्रोसेस में स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरीज, आरटीए, बैंक आदि शामिल होते हैं। इसमें बड़ी संख्या में फाइल्स का एक्सचेंज होता है। सेबी की कोशिश से इस प्रोसेस को काफी आसान बनाया गया है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Aug 13, 2025 पर 1:24 PM
नितिन कामत ने कहा- टेक्नोलॉजी के मामले में सेबी की कोशिशों की वजह से आज रिटेल ट्रेडर्स कर रहें अच्छी कमाई
जीरोधा के को-फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने कहा है कि ज्यादातर लोग ब्रोकरेज फर्मों के बिजनेस से जुड़ी जटिलताओं के बारे में नहीं जानते हैं।

जीरोधा के को-फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने कहा है कि स्टॉक ट्रेडिंग को आसान बनाने में सेबी की कोशिशों का बड़ा हाथ है। उनका यह भी मानना है कि इसका सबसे ज्यादा फायदा रिटेल ट्रेडर्स को मिला है। कामत ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने बताया है कि ज्यादातर लोगों के ब्रोकरेज फर्मों के बिजनेस से जुड़ी जटिलताओं के बारे में पता नहीं होता। शेयर ट्रेडिंग के पीछे एक मुश्किल प्रोसेस होता है। उन्होंने बताया है कि कैसे सेबी की कोशिशों की वजह से यह प्रोसेस पहले के मुकाबले आसान हुआ है।

प्रोसेस के लिए सेबी ने तय किए स्टैंडर्ड

Nithin Kamath ने इस बारे में हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि शेयर से जुड़े ट्रेड के पीछ ब्रोकरेज फर्म का एक जटिल सिस्टम काम करता है। इसमें स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरीज, आरटीए, बैंक आदि शामिल होते हैं। पहले यह इंटिग्रेशन अलग-अलग तरह से होता था यानी इसके लिए कोई यूनिफॉर्म और एक जैसा स्टैंडर्ड तय नहीं था। इस वजह से पूरा प्रोसेस काफी जटिल हो जाता था। सैकड़ों एपीआई और फाइल्स का एक्सचेंज होता था। इन चीजों के बारे में ब्रोकरेज फर्मों के क्लाइंट्स को पता नहीं चलता है।

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