एशिया के टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इंडस्ट्रीज को झकझोर देने वाले एक महीने का संकट अब समाप्त होने वाला है। जिलिंगो पीटीई (Zilingo Pte) लिक्विडेशन में जाने के लिए तैयार है। सिंगापुर स्थित फैशन-टेक कंपनी के बोर्ड ने ईवाई कॉर्पोरेट सर्विसेज पीटीई (EY Corporate Services Pte) को अस्थायी लिक्विडेटर के रूप में नियुक्त किया है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर ये जानकारी दी है क्योंकि यह मामला प्राइवेट है। BLOOMBERG में छपी खबर के मुताबिक बोर्ड ने प्रमुख शेयरधारकों और लेनदारों को अपने फैसले के बारे में सूचित किया है। ऐसा भी उन लोगों ने बताया। हालांकि बोर्ड ने इस मामले पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
लिक्विडेशन प्रोसेस शुरू होने का मतलब है कि स्टार्टअप बंद होने के कगार पर है। इसके अंदरूनी कलह और कंपनी को चालू रखने के लिए महीनों लंबी लड़ाई ने दक्षिण पूर्व एशिया और भारत के टेक इंडस्ट्रीज को झकझोर दिया था। कभी ऊंची उड़ान भरने वाली यह कंपनी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद नीचे की ओर गिरती चली गई। इसका परिणाम ये हुआ कि मई में हाई-प्रोफाइल सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी 31 वर्षीय अंकिती बोस (co-founder and Chief Executive Officer Ankiti Bose) को बर्खास्त कर दिया गया।
बोस ने पूरे संकट के दौरान गलत काम करने के किसी भी दावे से इनकार करना जारी रखा था। उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। जैसे ही बोस और बोर्ड के बीच टकराव बढ़ा, उन्होंने बोर्ड खिलाफ वापस लड़ने के लिए एक वकील की सेवाएं ली। बोस ने तर्क दिया कि उन फैसलों और प्रथाओं के लिए उन्हें दोषी ठहराया जा रहा था जिसकी पूरी जानकारी वरिष्ठ प्रबंधकों और निदेशकों को थी।
लोगों ने बताया कि जिलिंगो के लेनदारों वर्डे पार्टनर्स एंड इंडीज कैपिटल पार्टनर्स (Varde Partners and Indies Capital Partners) को कुछ संपत्तियों के लिए एक खरीदार मिल गया है। उन्होंने कहा कि उन संपत्तियों को एक अज्ञात खरीद मूल्य पर नए मालिक को ट्रांसफर कर दिया गया है।
जून में बोर्ड ने लिक्विडेशन और मैनेजमेंट बायआउट सहित सभी विकल्पों का पता लगाना शुरू कर दिया था। ब्लूमबर्ग न्यूज ने उस समय भी ये खबर छापी थी। इसमें कंपनी की संपत्तियों को बेचने के लिए अपने वित्तीय सलाहकार डेलोइट एलएलपी का एक प्रजेंटेशन शामिल था। 2015 में बोस के साथ जिलिंगो की सह-स्थापना करने वाले ध्रुव कपूर ने बायआउट के लिए पिच तैयार की थी।
Zilingo का एक समय सैकड़ों कर्मचारियों के साथ कम से कम आठ देशों में कारोबार होता था। संकट के बीच एक बड़ी कटौती के बाद भारत, इंडोनेशिया, श्रीलंका और बांग्लादेश में हाल ही में 100 से कम कर्मचारी कार्यरत थे।