Zomato Share Price: शेयर बाजार में बुधवार 13 नवंबर को एक ओर जहां स्विगी के शेयरों की एंट्री हुई। वहीं दूसरी ओर इसकी प्रतिद्वंदी कंपनी जोमैटो के शेयरों पर दबाव देखा गया। एनएसई पर शुरुआती कारोबार में जोमैटो के शेयर करीब 2.5 फीसदी तक टूटकर 254.53 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी (Macquarie) की एक रिपोर्ट मानी जा रही है। मैक्वेरी ने कंपनी के शेयरों को लेकर सतर्क रुख अपनाया है और इससे जुड़े कई संभावित जोखिमों का हवाला दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि अगर ये जोखिम ट्रिगर करते हैं, तो जोमैटो के स्टॉक में 50 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ सकती है।
मैक्वेरी ने जोमैटो के शेयरों के लिए अपनी 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन स्टॉक के टारगेट प्राइस को 30 फीसदी बढ़ाकर 130 रुपये कर दिया है। हालांकि इस बढ़ोतरी के बावजूद, यह टारगेट प्राइस जोमैटो के शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 50 प्रतिशत गिरावट आने की आशंका जताते हैं।
ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि "आमतौर पर बहुत अधिक ग्रोथ, बहुत अधिक कॉम्पिटीशन के साथ आती है।" साथ ही उसने कहा कि उसने ब्लिंकिट और जोमैटो के फूड डिलीवरी बिजनेस के ग्रोथ और यूनिट इकोनॉमिक्स की नए सिरे से समीक्षा की है।
मैक्वेरी का कहना है कि उसे जोमैटो के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स बिजनेस के ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) में अगले 10 साल के दौरान 18 प्रतिशत से 35 प्रतिशत की दर से ग्रोथ का अनुमान है। ब्रोकरेज ने कहा कि उसने यह अनुमान पूरी तरह से अनुकूलित मार्जिन और कमजोर कॉम्पिटीशन को ध्यान में रखते हुए किया है।
सितंबर तिमाही के दौरान, जोमैटो का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 176 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले साल इसी तिमाही में 36 करोड़ रुपये रहा था। वहीं कंपनी का रेवेन्यू भी इस दौरान करीब 69 फीसदी बढ़कर 4,799 करोड़ रुपये रहा।
इस बीच जोमैटो की राइवल कंपनी, स्विगी भी अब शेयर बाजार में आ चुकी है। स्विगी के शेयर बुधवार 13 नवंबर स्टॉक एक्सचेंजों पर करीब 8 फीसदी के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। इसका IPO 380 रुपये के भाव पर आया था। मैक्वेरी ने स्विगी के शेयर को भी 'अंडरपरफॉर्म' की रेटिंग के साथ कवर करना शुरू किया है। साथ ही इसे 325 रुपये का टारगेट दिया है, जो इसके IPO प्राइस से काफी कम है।
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