Zomato का शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से 67% लुढ़क चुका है, क्या यह निवेश का है मौका?

Zomato Business: जोमैटो की सेल्स धीरे-धीरे बढ़ रही है। लेकिन, अब भी यह कंपनी प्रॉफिट से दूर है। इसकी वजह यह है कि इसका खर्च बहुत ज्यादा है

अपडेटेड Jul 12, 2022 पर 9:55 AM
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जोमैटो का शेयर 16 नवंबर, 2021 को 169 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई पर था।

Zomato के शेयरों में पिछले कुछ महीनों में बड़ी गिरावट आई है। सोमवार को यह शेयर 56.1 रुपये पर बंद हुआ था। अपने ऑल-टाइम हाई से यह शेयर करीब 67 फीसदी गिर चुका है। मंगलवार (12 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में इस शेयर में हल्की मजबूती दिखी।

जोमैटो का शेयर 16 नवंबर, 2021 को 169 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई पर था। कपनी ने पिछले साल जुलाई में अपना आईपीओ पेश किया था। इस साल 24 जून को जोमैटो के बोर्ड ने ब्लिंकिट (Blinkit Commerce Pvt Ltd) के अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। जोमैटो ने ब्लिंकिट का अधिग्रहण 4,447 करोड़ रुपये में किया है। इस ऐलान के बाद सिर्फ दो दिन में जोमैटो की मार्केट वैल्यू में 1.1 अरब डॉलर की गिरावट आई।

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लंबी अवधि में ब्लिंकिट का अधिग्रहण जोमैटो के लिए फायदेमंद है। लेकिन मार्केट इस डील से खुश नहीं है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इस डील का मतलब है कि जोमैटो ने एक दूसरी लॉस-मेकिंग कंपनी को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ लिया है। इसका इनवेस्टर्स के सेंटिमेंट पर खराब असर पड़ा है।

जोमैटो की सेल्स धीरे-धीरे बढ़ रही है। लेकिन, अब भी यह कंपनी प्रॉफिट से दूर है। इसकी वजह यह है कि इसका खर्च बहुत ज्यादा है। जोमैटो फूड डिलीवरी कंपनी है। ग्राहक इसके ऐप पर खानेपीने की चीजों का ऑर्डर करते हैं। कंपनी अपने डिलवरी बॉय की मदद से फूड की डिलीवरी ग्राहक के घर करती है।

टेक्निकल एनालिस्ट और मार्केट रिसर्चर स्वनिल कोमावर ने CNBCTCV18.Com को बताया, "जोमैटो अगर मुनाफा में आना चहती है तो पहले उसे सिंगल बिजनेस मॉडल पर फोकस करने की जरूरत है। उसके बाद ही उसे मल्टीपल बिजनेस मॉडल्स के बारे में सोचना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "जोमैटो समय पर फूड की डिलीवरी करती है। लेकिन इसके इनवेस्टर्स को अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा। अभी इसका स्ट्रक्चर कमजोर है। शेयर के 76 रुपये से ऊपर बंद होने और कम से कम दो दिन तक उस स्तर पर बने रहने के बाद ही इसमें तेजी की उम्मीद दिखती है।"

पिछले महीने कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज रिसर्च ने जोमैटो के शेयर की रेटिंग घटा दी। उसने इस शेयर पर अपनी राय 'खरीदे' (buy) से बदलकर 'जोड़े' (add) कर दी। इसका फेयर वैल्यू एस्टिमेट 83 रुपये से घटाकर 77 रुपये कर दिया। उसने कहा, "बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए हमारा मानना है कि ब्लिंकिट में 40 करोड़ डॉलर से ज्यादा इनवेस्टमेंट जरूरत है।"

मंगलवार (12 जुलाई) को ब्लिंकिट के शेयर सुबह में 0.89 फीसदी चढ़कर 56.60 रुपये पर था। पिछले साल जोमैटो के शेयरों की लिस्टिंग अच्छी रही थी। कंपनी ने इनवेस्टर्स को आईपीओ में 76 रुपये के प्राइस पर शेयर अलॉट किए थे। इस प्राइस से शेयर करीब 26 फीसदी गिर चुके हैं।

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