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तो अब एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि Zomato का IPO सस्ता था, क्या है पूरा मामला

इश्यू जारी होने के दौरान बाजार के जानकार जोमैटो के IPO को महंगा बता रहे थे, फिर अब क्या हुआ?

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 31, 2021 पर 1:11 PM
तो अब एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि Zomato का IPO सस्ता था, क्या है पूरा मामला

फूड डिलीवरी कंपनी Zomato के शेयर की वैल्यू एक वर्ष पहले 45 रुपये, छह महीने पहले 58 रुपये और कंपनी के IPO में 76 रुपये थी। IPO से पहले ग्रे मार्केट में ट्रेडिंग से यह प्राइस अधिक होने के संकेत मिल रहे थे। हालांकि, शेयर्स की 126 रुपये पर लिस्टिंग और अब इसके 136 रुपये पर ट्रेड करने से एनालिस्ट्स हैरान हैं।

बहुत से ब्रोकर्स ने इसे बेचने की सलाह दी थी। हालांकि, कुछ बड़ी ब्रोकरेज फर्मों ने इसके लिए अधिक टारगेट प्राइस दिया है।

JM Financial Institutional Securities और Jefferies ने जोमाटो की कवरेज बाय रेटिंग के साथ शुरू की है। इन दोनों ब्रोकरेज फर्मों ने इसके लिए 170 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

UBS Securities ने एक वर्ष पहले इस शेयर के लिए 165 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया था। मौजूदा वैल्यू के लिहाज से देखने पर इसका मतलब है कि तीनों ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इसके शेयर की वैल्यू लगभग 150 रुपये की है।

यह कंपनी की ओर से IPO के लिए तय किए गए प्राइस का लगभग दोगुना है।

एक बड़ा प्रश्न यह उठता है कि मौजूदा वैल्यू के लिहाज से ब्रोकर्स ने कंपनी के लिए लगभग 17 अरब डॉलर का आंकड़ा कैसे दिया है जबकि छह महीने पहले तक इसकी वैल्यू 5.4 अरब डॉलर लगाई जा रही थी। इसका उत्तर यह हो सकता है कि जोमाटो के लंबी अवधि में ग्रोथ करने की अच्छी संभावना है। कंपनी का बिजनेस आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है और इसी अनुमान के कारण वैल्यूएशन का आंकड़ा भी बढ़ा है।

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