Weekly Market Review: चार दिनों के कारोबार में भारी उटा-उटक के बीच 25 मई को शुरू हुए पिछले कारोबारी हफ्ते में मार्केट सुस्त रुझान के साथ बंद हुआ। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बड़े स्टॉक्स में मुनाफावसूली के चलते मार्केट पर दबाव बना तो दूसरी तरफ निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग और रुपये की मजबूती से मार्केट को सपोर्ट भी मिला। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों का रुझान सतर्क भी बना रहा।
पिछले कारोबारी हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 639.61 प्वाइंट्स यानी 0.84% गिरकर 74,775.74 और निफ्टी 50 भी 171.55 प्वाइंट्स यानी 0.72% फिसलकर 23,547.75 पर बंद हुआ।
निफ्टी मिडकैप 100 में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी दिखी और 0.5% की बढ़त हासिल की। पिछले कारोबारी हफ्ते यह नए रिकॉर्ड हाई पर भी पहुंचा। मिडकैप स्टॉक्स में अदाणी टोटल गैस, एक्साइड इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हिताची एनर्जी इंडिया, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और प्रीमियर एनर्जीज में जोरदार तेजी आई तो दूसरी तरफ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX), रेल विकास निगम, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भारत डायनेमिक्स, नायका और पीबी फिनटेक जैसी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी लगातार दूसरे हफ्ते तेजी आई और 1% मजबूत हुआ। वॉकहार्ट, नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर और आईएफसीआई में पिछले कारोबारी हफ्ते 12-28% तक की तेजी आई। वहीं दूसरी तरफ ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी, नैटको फार्मा, ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन, शारदा एनर्जी एंड मिनरल्स, मीशो, जेएसडब्ल्यू सीमेंट और बीईएमएल जैसी कंपनियों के शेयरों में 6-15% तक की गिरावट दिखी।
सेक्टरवाइज रुझान मिला-जुला रहा। पिछले कारोबारी हफ्ते बीएसई टेलीकॉम,बीएसई पावर, बीएसई कैपिटल गुड्स और बीएसई पीएसयू बैंक टॉप गेनर रहे और इनमें 2-3% की तेजी आई तो बीएसई ऑटो और बीएसई रियल्टी इंडेक्स में करीब 1-1% की बढ़त रही। प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं दूसरी तरफ बीएसई एफएमसीजी, बीएसई ऑयल एंड गैस, बीएसई एनर्जी और बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स में 1-1.5% की गिरावट आई।
बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप पिछले कारोबारी हफ्ते ₹2 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया। इसे लार्सन एंड टुब्रो (L&T), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), जोमैटो (Zomaoto) की पैरेंट कंपनी एटर्नल (Eternal) और टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) से सपोर्ट मिला। वहीं एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) से इसे झटका लगा।
पिछले कारोबारी हफ्ते घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी का रुझान बनाए रखा और ₹25,803.45 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹23,734.68 करोड़ के शेयरों के नेट बिकवाली की।
पिछले कारोबारी हफ्ते लगातार दूसरे हफ्ते रुपया मजबूत हुआ। एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 70 पैसे ऊपर चढ़कर यह ₹95.00 पर पहुंच गया। इसे कच्चे तेल के भाव में नरमी, डॉलर में फिसलन और जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर डेवलपमेंट से सेंटिमेंट में सुधार से सपोर्ट मिला।