राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें और बढ़ती हुई दिख रही हैं। आज यानी मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशमुख के 3 करीबियों के ठिकानों पर नागपुर में छापेमारी की है। शिवाजी नगर के सागर भटेवरा, सदर स्थित सुमित आयजैक के साथ ही जाफर नगर में एक और स्थान पर ईडी की टीम ने छापा मारकर खोजबीन शुरू की है।
महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक भटेवरा और आयजैक दोनों 100 करोड़ रुपये के वसूली प्रकरण में जांच का सामना कर रहे अनिल देशमुख के करीबी और व्यावसायिक माने जाते हैं। इसकी भनक लगते ही ईडी द्वारा छापा मारे जाने की जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम इस संबंध में कागजातों को खंगाल रही है।
बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने इसके विरोध में प्राथमिक जांच करके उसके आधार पर 21 अप्रैल को सीबीआई के दिल्ली स्थित पुलिस स्टेशन में अपराध दर्ज किया गया है। इसमें महाराष्ट्र के अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया गया है।
इसी के तहत सीबीआई ने इससे पहले मुंबई और नागपुर स्थित उनके निवास और कार्यालय पर छापे मारे थे। सीबीआई ने इस जांच में मनी लॉन्ड्रिंग की भी संभावना व्यक्त की थी। उसका सुराग पता करने के लिए सीबीआई ने ये सूचना प्रवर्तन निदेशालय को दी थी।