भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (Indigo) को वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही में भारी घाटा हुआ है और कंपनी कंसोलिडेट नेट लॉस और बढ़ गया है। Indigo की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (Interglobe Aviation Ltd) का नेट लॉस Q4 में बढ़कर 1,147 करोड़ रुपये हो गया है।

जबकि, पिछले साल का समान तिमाही में एयरलाइंस कंपनी को 871 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था और पिछली तिमाही यानी FY21 के Q3 में कंपनी का नेट लॉस 620 करोड़ रुपये रहा था। मार्च तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 25% घटकर 6223 करोड़ रुपये रह गया जो पिछले साल Q4 में 8299 करोड़ रुपये था।

पूरे वित्त वर्ष 2020-21 यानी FY21 में कंपनी का घाटा सालाना आधार पर 2400% के करीब बढ़ गया। FY21 में कंपनी का नेट लॉस 5806 करोड़ रुपये रहा जो FY20 में केवल 233 करोड़ रुपये रहा था। जबकि FY21 में कंपनी का रेवेन्यू 59% गिरकर 14,640 करोड़ रुपये रह गया।

FY21 के Q4 में टैक्स चुकाने से पहले कंपनी का घाटा 1157 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 1290 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का EBITDA 648 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसका EBITDA मार्जिन 10.4% रहा।

Q4 में Indigo को फ्लाइट टिकट्स से 4974 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यानी इसमें 30.2% की गिरावट आई। जबकि कंपनी का एंसिलियरी रेवेन्यू सालाना आधार पर 17.2% गिरकर 890 करोड़ रुपये पर आ गया।

इस वजह से हुआ भारी नुकसान

Indigo को Q4 के साथ पूरे FY21 में हुए नुकसान की दो वजहें हैं। पहला कारण है कोरोना का प्रकोप और दूसरा कारण है फ्यूल कॉस्ट में बढ़ोतरी। कोविड के फर्स्ट वेव के बाद स्थितियां थोड़ी संभली थी, लेकिन कोविड के सेकेंड वेव ने कंपनी का कमर तोड़ दी। इसके साथ ही ATC की बढ़ती कामतों ने आग मे घी का काम किया। FY21 में इंडिगो के फ्यूल कॉस्ट में 67% की बढ़ोतरी हुई। 

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