जब कोई कंपनी डीमर्ज होती है तो वह शेयरहोल्डर्स को नई कंपनी के स्टॉक्स इश्यू करती है। ये शेयर फ्री में नहीं मिलते हैं। ऑरिजिनल कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन स्प्लिट हो जाता है। इसका मतलब है कि शेयर की कीमत उनकी नेट बुक वैल्यू (NBV) के आधार पर बंट जाते हैं
अपडेटेड Oct 04, 2025 पर 02:43 AM