पुनीता कुमार सिन्हा की राय है कि अब राजनीतिक हलचल की जगह बजट पर नजर रहेगी। इस बजट में कृषि और गांवों पर फोकस बढ़ सकता है। भारतीय बाजार अभी भी दूसरे बाजारों की तुलना में महंगे हैं। ऐसे में विदेशी निवेशक तुरंत तो भारत की तरफ रुख नहीं करेंगे। लेकिन वे किसी करेक्शन में भारत की तरफ फिर से रुख करेंगे
अपडेटेड Jun 25, 2024 पर 03:26 PM