विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि मक्का में सालाना तीर्थयात्रा हज के दौरान 98 भारतीयों की मौत हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले साल हज की पूरी यात्रा के दौरान भारत के कुल 187 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा, "इस साल 1,75,000 भारतीय तीर्थयात्री हज के लिए मक्का गए हैं। हज यात्रा 9 मई से 22 जुलाई तक चलेगी है। इस साल अब तक 98 लोगों की मौत हो जाने की सूचना है।"
जायसवाल ने वीकली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मौतें प्राकृतिक कारणों, पुरानी बीमारियों और बुढ़ापे के कारण हुई हैं। अराफात के दिन छह लोगों की मौत हुई और चार लोगों की मौत दुर्घटना के कारण हुई।"
जायसवाल ने ये आंकड़े तब दिए, जब उनसे हज के दौरान भारतीयों की मौत से जुड़े एक सवाल पूछा गया था।
हज के दौरान 550 लोगों की मौत!
वहीं एसोसिएटेड प्रेस ने लिस्ट में एक डॉक्टर का हवाला देते हुए बताया कि पांच दिन के हज के दौरान कम से कम 550 लोगों की मौत हो गई। डॉक्टर ने आगे कहा कि लिस्ट में दिए गए नाम असली लगते हैं।
उस डॉक्टर और एक दूसरे अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि उनका मानना है कि मक्का में अल-मुआइसेम में इमरजेंसी एरिया में कम से कम 600 शव थे।
एसोसिएटेड प्रेस ने एक भारतीय तीर्थयात्री खालिद बशीर बजाज के हवाले से बताया, "मैंने बहुत से लोगों को बेहोश होकर जमीन पर गिरते देखा।"
हज के लिए आते हैं 20 लाख से ज्यादा लोग
हज के दौरान मौतें असामान्य नहीं हैं, जिसमें कई बार 20 लाख से ज्यादा लोग सऊदी अरब की यात्रा करते हैं। सऊदी अरब ने तीर्थयात्रा के दौरान गर्मी के बीच मरने वालों की संख्या पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
कई देशों ने कहा है कि जॉर्डन और ट्यूनीशिया समेत मक्का के पवित्र स्थलों में गर्मी के कारण उनके कुछ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई।
सऊदी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार को मक्का और शहर के आसपास के पवित्र स्थलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 'शैतान को प्रतीकात्मक रूप से पत्थर मारने की कोशिश में कुछ लोग बेहोश भी हो गए।