Get App

ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक Bank of England ने कहा, मंदी में जा सकती है इकोनॉमी

3 नवंबर को बैंक ऑफ इंग्लैंड ने इंटरेस्ट रेट 0.75 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया। इससे ब्रिटेन में इंटरेस्ट रेट बढ़कर 3 फीसदी हो गया है। यह 2008 की फाइनेंशियस क्राइसिस के बाद से सबसे ज्यादा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 04, 2022 पर 6:15 PM
ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक Bank of England ने कहा, मंदी में जा सकती है इकोनॉमी
एक तरह जहां ब्रिटेन की इकोनॉमी गंभीर आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रही है, वही देश में राजनीतिक हालात भी अस्थिर रहे हैं।

Economy of England: इंग्लैंड की इकोनॉमी मंदी (Recession) में जा सकती है। इंग्लैंड के केंद्रीय बैंक Bank of England ने यह अनुमान जताया है। दरअसल, ब्रिटेन भी उन देशों में शामिल हैं, जहां इनफ्लेशन कई सालों की उंचाई पर पहुंच गया है। महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंकों के पास इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के सिवाय दूसरा रास्ता नहीं है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने का सीधा असर इकोनॉमी की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

बैंक ऑफ इंग्लैंड ने इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाया है। यह 1989 के बाद से इंटरेस्ट रेट में एक बार में सबसे ज्यादा वृद्धि है। इसके बाद उसने खुद कहा है कि इन कदमों से देश की इकोनॉमी मंदी में जा सकती है। यह मंदी 2024 के मध्य तक बनी रह सकती है।

यह भी पढ़ें : Personal Loan Interest Rate: लेना चाहते हैं पर्सनल लोन? जानें कौनसे बैंक का ब्याज है कम

बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर Andrew Bailey ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आगे का रास्ता बहुत कठिन है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद एनर्जी की कीमतों में उछाल आया है। इसने पूरे देश की हालत खराब कर दी है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इंग्लैंड की इकोनॉमी के लिए हालात काफी चैलेंजिंग हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें