चीन ने फिर किया वहां के मुसलमानों पर अत्याचार, मस्जिद गिराने पहुंची पुलिस, आम जनता के साथ हुई झड़प

भले ही चीन खुद को एक लोकतांत्रिक देश बताता हो, पर वहां पर हो रहे आम नागरिकों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की खबरें कई बार सामने आती रहती हैं। इसी क्रम में अब चीन की सरकार की तरफ से वहां के मुस्लिमों को निशाना बनाए जाने की एक और खबर सामने आई है। दरअसल शनिवार यानी 27 मई को चीन के मुस्लिम बाहुल्य इलाके में स्थानीय जनता और पुलिस के बीच भिडंत हो गई

अपडेटेड May 30, 2023 पर 9:56 PM
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चीन की सरकार की तरफ से वहां के मुस्लिमों को निशाना बनाए जाने की एक और खबर सामने आई है

भारत का पड़ोसी देश और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी माने जाने वाले चीन में लोकतंत्र के हालात किसी से छुपे नहीं रह गए हैं। भले ही चीन खुद को एक लोकतांत्रिक देश बताता हो, पर वहां पर हो रहे आम नागरिकों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की खबरें कई बार सामने आती रहती हैं। इसी क्रम में अब चीन की सरकार की तरफ से वहां के मुस्लिमों को निशाना बनाए जाने की एक और खबर सामने आई है। दरअसल शनिवार यानी 27 मई को चीन के मुस्लिम बाहुल्य इलाके में स्थानीय जनता और पुलिस के बीच भिडंत हो गई।

किस वजह से हुई भिडंत

दरअसल स्थानीय मुस्लिम जनता और पुलिस के बीच झड़प की बड़ी वजह मस्जिद की एक छत को गिराने को लेकर हुई। इसी को रोकने के लिए स्थानीय लोगों को पुलिस के बीच भिडंत शुरू हो गई। कई बार मीडिया में ऐसी खबरें आती हैं कि चीन की सरकार धार्मिक प्रथाओं पर कंट्रोल करना चाहती है। इसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी लगातार ऐसी कोशिशें भी करती है जिससे कि वहां के मुस्लिम लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके।

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झड़प का वीडियो हो रहा है वायरल

मस्जिद के गुंबद को गिराने के लिए आई पुलिस और वहां के स्थानीय मुस्लिमों के बीच हुई झड़प का एक वीडियो भी इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में ऐसा देखा जा सकता है कि शनिवार की सुबह नजियायिंग मस्जिद के गेट के पास पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो रही है। हालांकि पुलिस को जनता के भारी विरोध के बीच पीछे हटना पड़ा। पुलिस के पीछे हटने के बाद विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने गेट के बाहर धरना भी दिया।

मस्जिद को माना गया था अवैध

मीडिया की खबर के मुताबिक साल 2020 में कोर्ट के एक फैसले के बाद पुलिस मस्जिद के गुंबद को गिराने पहुंची थी। कोर्ट के फैसले में मस्जिद के कुछ हिस्सों को अवैध माना गया था और उसे तोड़ने का आदेश दिया गया था। इस नाजियायिंग मस्जिद का इतिहास भी खासा पुराना है। इतिहासकारों के मुताबिक इस मस्जिद को 13वीं शताब्दी में बनाया गया था। बता दें कि मस्जिद के एक हिस्से को साल 2019 में संरक्षित सांस्कृतिक अवशेष के रूम में भी नामित किया गया था।

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