टेस्ला के CEO एलॉन मस्क के भारी-भरकम सैलरी पैकेज को अवैध बताने की मांग करने वाले वकीलों ने मामले की सुनवाई कर रहे जज से अनुरोध किया कि उन्हें कानूनी फीस के तौर पर कंपनी का 5.6 अरब डॉलर का स्टॉक दिया जाए। टेस्ला (Tesla) के शेयरहोल्डर्स की तरफ से पैरवी करने वाले वकीलों ने बीते 1 मार्च को लिखित तौर पर यह अनुरोध किया है।
अगर इस रकम को मंजूरी मिल जाती है, तो इस तरह के मामले में यह सबसे बड़ी रकम होगी। एनरॉन में गड़बड़ियां सामने आने के बाद 2008 में इस मामले से जुड़े वकीलों को कानूनी फीस के तौर पर 68.8 करोड़ डॉलर का भुगतान किया गया था। टेस्ला के शेयरधारकों के वकीलों ने कोर्ट फाइलिंग में कहा, 'हमारी यह मांग इसलिए जायज है, क्योंकि हमने 5 साल से भी ज्यादा तक सिर्फ संभावनाओं के आधार पर काम किया। अगर वे हार जाते तो उन्हें कुछ नहीं मिलता। टेस्ला को जबरदस्त फायदा हुआ।'
जितनी रकम की मांग की गई है, वह मस्क के पैकेज (तकरीबन 55 अरब डॉलर) का 111 पर्सेंट है। अमेरिकी अदालत ने जनवरी में मस्क के पैकेज को अवैध घोषित कर दिया था। मामले से जुड़े वकीलों का कहना है कि उनकी मांग से इलेक्ट्रिक कार कंपनी की बैलेंस शीट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और इस पर टैक्स भी काटा जा सकता है। वकील खर्च के तौर पर भी 11 लाख डॉलर की मांग कर रहे हैं।
जज मैककॉर्मिक ने इस मामले में टेस्ला के शेयरधारकों की दलीलें स्वीकार करते हुए कहा था कि मस्क ने ने खुद से यह पैकेज तय किया था, क्योंकि कंपनी में मौजूद डायरेक्टर स्वतंत्र नहीं थे। जज का कहना था कि मस्क ने दिखावे के तहत डायरेक्टरों के साथ बातचीत कर खुद अपने पक्ष में फैसला करवाया था। टेस्ला में मस्क की फिलहाल 13 पर्सेंट हिस्सेदारी है।