Iran vs Israel: ईरान और इजरायल में छिड़ा युद्ध, तो कौन पड़ेगा किस पर भारी? सैन्य खर्च से लेकर परमाणु हथियार तक की पूरी रिपोर्ट

Israel Iran Crisis: इजरायल और ईरान पुराने दुश्मन हैं और दोनों के बीच एक छद्म युद्ध चलता रहता है, लेकिन अब दोनों ही तेजी से सीधे टकराव की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं इजरायल और ईरान की सैन्य ताकत पर। इसके साथ ही ये भी जानने की कोशिश करते हैं कि दोनों अटैकिंग और डिफेंसिव पावर कितनी है

अपडेटेड Oct 03, 2024 पर 7:25 PM
Iran vs Israel: ईरान और इजरायल छिड़ा युद्ध, तो कौन पड़ेगा किस पर भारी? सैन्य खर्च से लेकर परमाणु हथियार तक की पूरी रिपोर्ट

ईरान के हमले के बाद अब सभी कीा नजर इजरायल की जवाबी कार्रवाई पर टिकी है। ऐसा माना जा रहा है कि इजरायल का जवाबी एक्शन बहुत बड़ा और घातक हो सकता है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों को बदला करार दिया। तेहरान का कहना है कि गाजा में नागरिकों की हत्या, हाल ही में लेबनान में हुए हमलों में IRGC, हमास और हिजबुल्लाह नेताओं को मौत के जवाब में इजरायल पर रॉकेट दागे गए।

IRGC ने कहा कि मिसाइलों का मकसद तेल अवीव में तीन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था। ईरानी मीडिया ने कहा कि देश ने पहली बार फतह हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। हालांकि, अब तक ये पूरी तरह साफ नहीं हो पाया कि ईरान कौनसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया था।

इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बदले की कसम खाते हुए कहा कि ईरान ने "बड़ी गलती की है" और "इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।"


अमेरिका ने कहा कि उसने ईरान के हमले को नाकाम करने में इजरायल की मदद की, और ईरान पर जवाबी हमला करने के लिए अपने सहयोगी को समर्थन देने का वादा भी किया।

इजरायल और ईरान पुराने दुश्मन हैं और दोनों के बीच एक छद्म युद्ध चलता रहता है, लेकिन अब दोनों ही तेजी से सीधे टकराव की ओर बढ़ रहे हैं।

ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं इजरायल और ईरान की सैन्य ताकत पर। इसके साथ ही ये भी जानने की कोशिश करते हैं कि दोनों अटैकिंग और डिफेंसिव पावर कितनी है।

सैनिक

सबसे पहले बात करते हुए सैनिकों की संख्या की। UK थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) की द मिलिट्री बैलेंस 2023 रिपोर्ट के अनुसार:

ईरान में 610,000 एक्टिव सैनिक हैं, जिनमें से सेना में 350,000, IRGC में 190,000, नौसेना में 18,000, वायु सेना में 37,000 और एयर डिफेंस में 15,000 सैनिक हैं। ईरान के पास 350,000 की रिजर्व आर्मी है। ईरान में 18 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों को सेना में सेव देना अनिवार्य है। इसमें कुछ छूट भी दी जाती है।

इजरायल में 169,500 सक्रिय कर्मी हैं, जिनमें सेना में 126,000, नौसेना में 9,500 और वायु सेना में 34,000 शामिल हैं। इजरायल के पास 465,000 की रिजर्व आर्मी है। इजरायल18 साल से ज्यादा उम्र के ज्यादातर युवा पुरुषों और महिलाओं को कुछ समय के लिए सेना में भर्ती होना अनिवार्य है। इसमें कुछ छूट भी मिलती है।

सैन्य खर्च

अप्रैल 2024 में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ओर से पब्लिश एक फैक्ट शीट के अनुसार:

ईरान ने 2023 में 10.3 अरब डॉलर यानी करीब 854.09 अरब रुपए अपने डिफेंस पर खर्च किए, जो 2022 से 0.6 प्रतिशत ज्यादा है।

इजरायल ने 2023 में 27.5 अरब डॉलर यानी करीब 2,281.63 अरब रुपए खर्च किए, जो 2022 की तुलना में 24 प्रतिशत ज्यादा है। ऐसा माना जाता है कि 7 अक्टूबर के बाद गाजा में शुरू किए गए युद्ध के कारण सैन्य खर्च की रकम बढ़ाई गई है।

ग्राउंड फोर्स

द मिलिट्री बैलेंस 2023 के अनुसार:

ईरान के पास 10,513 से ज्यादा बैटल टैंक, 6,798 से ज्यादा आर्टिलरी गन और 640 से ज्यादा आर्मर्ड व्हीकल हैं। सेना के पास भी 50 हेलीकॉप्टर हैं, जबकि IRGC के पास 5 हेलीकॉप्टर हैं।

इजरायल के पास लगभग 400 बैटल टैंक, 530 आर्टिलरी गन और 1,190 से ज्यादा सैनिकों को लाने ले जाने वाले आर्मर्ड व्हीकल हैं।

एयर फोर्स

ईरान: वायु सेना के पास 312 कॉम्बेट एयरक्राफ्ट हैं और IRGC के पास इससे अलग 23 हैं। वायु सेना के पास दो लड़ाकू हेलीकॉप्टर हैं, सेना के पास 50 और IRGC के पास पांच हैं।

इजरायल के पास 345 लड़ाकू विमान और 43 अटैक हेलीकॉप्टर हैं।

नेवी

ईरान के पास 17 टैक्टिकल सबमरीन, 68 गश्ती दल और तटीय लड़ाके, सात कार्वेट, 12 लैंडिंग जहाज, 11 लैंडिंग क्राफ्ट, 18 लॉजिस्टिक और सहायक उपकरण हैं।

इजरायल के पास पांच पनडुब्बियां और 49 गश्ती और तटीय लड़ाके हैं।

एयर डिफेंस सिस्टम

इजरायल का एयर डिफेंस आयरन डोम सिस्टम पर निर्भर करता है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसने मंगलवार रात को ईरान की ज्यादातर मिसाइलों को रोक दिया था। यह सिस्टम एक रडार से लैस है, जो आने वाले रॉकेट या मिसाइल, उसकी गति और उसकी दिशा का पता लगाती है।

कंट्रोल सेंटर तब ये पता लगाता है कि ये आने वाली मिसाइल इजरायली शहरों के लिए खतरा है या नहीं, जिन रॉकेट से खतरा नहीं होता उन्हें खाली मैदानों में गिरने दिया जाता है।

अगर वे खतरा पैदा करती हैं, तो मिसाइल-फायरिंग यूनिट उन्हें मार गिराने के लिए मिसाइलें लॉन्च करती है। लॉन्चर में 20 इंटरसेप्टर मिसाइलें होती हैं।

इजरायल के चारों ओर 10 आयरन डोम बैटरियां तैनात हैं। दूसरे सिस्टम के जरिए और लंबी दूरी की मिसाइलों को रोकती हैं।

डेविड स्लिंग 40 Km (25 मील) और 300 Km (186 मील) के बीच की मिसाइलों को रोकता है। Arrow सिस्टम 2,400 Km (1,491 मील) तक की दूरी वाली मिसाइलों को रोकता है।

ईरान: फरवरी में, ईरान ने कम दूरी, कम ऊंचाई वाले अजरखश को तैनात किया, जिसका फारसी में मतलब है "वज्र।" यह एक इंफ्रारेड डिटेक्शन सिस्टम है, जो टारगेट का पता लगाने और उसे रोकने के लिए रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक सिस्टम से लैस है। इसे गाड़ियों पर लगाया जा सकता है।

ईरान के पास सतह से हवा में मार करने वाली अलग-अलग मिसाइल डिफेंस सिस्टम की एक रेंज है। इनमें 42 से ज्यादा लंबी दूरी की रूस मेड S-200, S-300 और स्थानीय बावर-373, 59 से ज्यादा मीडियम रेंज के US MIM-23 हॉक, HQ-2J और खोरदाद-15; और 279 Km शॉर्ट रेंज चीनी निर्मित CH-SA-4 और 9K331 Tor-M1 शामिल हैं।

बैलिस्टिक मिसाइलें

अमेरिका के थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट के अनुसार:

ईरान के शस्त्रागार में कम से कम 12 अलग-अलग तरह की मीडियम और शॉर्ट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। इनमें टोंडर 69 से लेकर, जिसकी रेंज 150 Km (93 मील) है, खोर्रमशहर और सेज्जिल तक है, जिनकी रेंज 2,000 Km (1,243 मील) तक है।

इजरायल के पास कम से कम चार अलग-अलग तरह की शॉर्ट, मीडियम और इंटरमीडिएट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनमें 280 Km (174 मील) की रेंज वाली LORA से लेकर 4,800 Km (2,983 मील) और 6,500 Km (4,039 मील) के बीच की रेंज वाली जेरिको-3 शामिल हैं।

परमाणु ताकत

अमेरिका स्थित आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के अनुसार, इजरायल के भंडार में 90 परमाणु हथियार होने का अनुमान है।

माना जाता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, लेकिन उसके पास एक एडवांस न्यूक्लियर प्रोग्राम है और वह कई परमाणु सुविधाएं और रिसर्च सेंटर ऑपरेट करता है। सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने 2000 के दशक की शुरुआत में एक धार्मिक आदेश या फतवे में हथियार बनाने पर रोक लगाते हुए कहा था कि इस्लाम में इसकी मनाई है। हालांकि, मई में, ईरान ने "ईरान के अस्तित्व को खतरे में पड़ने पर" अपनी परमाणु नीति को बदलने की धमकी दी थी।

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