Israel Lebanon Conflict: इजराइल ने लेबनान में जमीनी हमले शुरू करने का ऐलान किया, संघर्षविराम की अमेरिका की अपील नहीं मानी

इजराइन ने 30 सितंबर की रात लेबनान में जमीनी हमले शुरू करने का ऐलान किया। हालांकि, आईडीएफ ने कहा है कि उसके निशाने पर कुछ खास टारगेट होंगे। IDF ने जमीनी हमलों के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है। इसमें कहा गया है कि खुफिया एजेंसियों से मिली सटीक जानकारी के बाद दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के लड़ाकों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है

अपडेटेड Oct 01, 2024 पर 9:56 AM
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इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इन हमलों का मकसद रॉकेट दागने की हिजबुल्लाह की क्षमता को खत्म करना है। इरान समर्थित लड़ाकों के हमलों की वजह से इजराइल के उत्तरी हिस्सों में हजारों लोगों को अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। (सांकेतिक फोटो)

इजराइल ने 30 सितंबर को देर रात लेबनान पर जमीनी हमलों का ऐलान कर दिया। उसने कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में 'टारगेटेड जमीनी हमलें' शुरू कर दिए हैं। इसका मतलब यह है कि इन हमलों में इजराइल के निशाने पर कुछ खास टारगेट होंगे। इजराइल का यह ऐलान चिंता बढ़ाने वाला है। इससे यह माना जा रहा है कि दुनिया के ताकतवर देशों के संयम बरतने की सलाह का कोई असर इजराइल पर पड़ता नहीं दिख रहा है। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने 30 सितंबर की रात कहा है कि ताजा हमलों में सीमा के करीब स्थित गांवों को निशाना बनाया जा रहा है। आईडीएफ ने इन गावों को उत्तरी इजराइल के लिए बड़ा खतरा बताया है।

हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल का आक्रामक रुख जारी

इजराइल (Israel) के जमीनी हमलों के ऐलान के कई मायने हैं। पहला, 27 सितंबर को हिजबुल्लाह (Hezbollah) प्रमुख हसन नसरल्लाह ( Hassan Nasrallah) और कई सीनियर कमांडर को निशाना बनाने के बाद भी हिजबुल्लाह के खिलाफ उसका अभियान रुकने नहीं जा रहा है। दूसरा, उसे अमेरिका, यूरोपीय संघ और अरब के देशों की संघर्षविराम की अपील की कोई परवाह नहीं है। तीसरा, इजराइल ने अब अपना फोकस हमास की जगह लेबनान और हिजबुल्लाह पर कर दिया है। उसका यह आक्रामक रुख अमेरिका सहित दुनिया के ताकतवर देशों की चिंता बढ़ा रहा है। इससे मध्यपूर्व में हालात खराब हो सकते हैं। अब तक इस तनाव का ज्यादा असर दुनिया के दूसरे देशों पर नहीं पड़ा है। लेकिन, हालात बिगड़ने पर पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ना तय है।


मिसाइल लॉन्चिंग फैसिलिटी को नष्ट किया

IDF ने जमीनी हमलों के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है। इसमें कहा गया है कि खुफिया एजेंसियों से मिली सटीक जानकारी के बाद दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के लड़ाकों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। आईडीएफ ने यह भी कहा है कि इन हमलों में बेरूत के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के करीब स्थित एक 'मिसाइल लॉन्चर स्टोरेज फैसिलिटी' को नष्ट कर दिया गया है। इसका इस्तेमाल जमीन से हवा में मिसाइले दागने के लिए होता था।

ईरान के युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने का खतरा

इससे पहले अमेरिका ने लेबनान में इजराइल के जमीनी हमलों की आशंका जताई थी। लेकिन, उसने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बड़े जमीनी हमले नहीं करने की सलाह दी थी। इस मसले से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका का मानना है कि लेबनान में बड़े पैमाने पर इजराइल के जमीनी हमलों से इस लड़ाई में ईरान के सीधे तौर पर शामिल हो जाने का खतरा है। अमेरिकी अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

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नेतन्याहू ने इजराइल के इरादों के संकेत दिए

इस बीच, नेतन्याहू ने कहा है कि इन हमलों का मकसद रॉकेट दागने की हिजबुल्लाह की क्षमता को खत्म करना है। इन समर्थित लड़ाकों के इन हमलों की वजह से इजराइल के उत्तरी हिस्सों में हजारों लोगों को अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है।

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