भारत और कनाडा के रिश्ते इन दिनों बेहद खराब दौर से गुजर रहे हैं। दोनों देशों के बीच संबंध खराब होने की नींव कई दशक पहले ही शुरू हो गई थी। हालांकि, भारत की ओर से बीच-बीच में संबंधों को सुधारने की कोशिश जरूर की गई। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री पियरे ट्रूडो के समय से शुरू हुआ कनाडा का खालिस्तान प्रेम कभी खत्म ही नहीं हुआ। अब पियरे ट्रूडो के बेटे और कनाडा के मौजूदा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो खालिस्तान समर्थक संगठनों के साथ रिश्तों की नई इबारत लिख रहे हैं। इस बीच आज एक ऐसी घटना का जिक्र कर रहे हैं, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। आज ही के दिन खालिस्तानियों ने एक घिनौना खेल खेला, कि आसमान से सागर में शव गिरने लगे।
दरअसल, 23 जून 1985 की ये वो तारीख है, जब खालिस्तानियों ने एयर इंडिया की एक विमान को निशाना बनाया। इस विमान हादसे में 329 यात्रियों की मौत हो गई थी। मरने वालों में 268 कनाडा के नागरिक थे। यह विमानन इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमला था। खालिस्तानी आतंकियों ने ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने के लिए विमान पर हमला किया था।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मृतकों को दी श्रद्धांजलि
हमले के 39 साल पूरे होने के बाद भी कनाडा पुलिस हादसे की जांच नहीं कर पाई है। कनाडा की पुलिस ने कहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या-182 को बम से उड़ाने की जांच अब भी जारी है। ये आतंकी हमले की सबसे लंबी और सबसे जटिल जांच में से एक है। इस बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज (23 जून 2024) विमान हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए विदेश मंत्री ने कहा कि सालगिरह एक याद दिलाती है कि आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। आखिर ये आतंकी हमला कैसे हुआ था? आइए बताते हैं।
23 जून, 1985 को क्या हुआ था?
23 जून 1985 की सुबह एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर ‘182' कनाडा से लंदन होते हुए भारत आ रही थी। इसमें 307 यात्री और 22 क्रू मेंबर सवार थे। यह बोइंग 747 विमान था, जिसे एयर इंडिया ने कनिष्क नाम दिया था। करीब 7 बजे कनिष्क विमान के पायलट कैप्टन नरेंद्र सिंह हंस ने आयरलैंड में हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से इजाजत मांगी। 7.08 बजे आयरिश ATC ने कहा कि लंदन के लिए रास्ता साफ है। आप आगे बढ़ सकते हैं। लंदन वहां से 45 मिनट की दूरी पर था। विमान जमीन से 31 हजार फीट ऊपर उड़ रहा था।
एयर इंडिया की फ्लाइट पर हुआ जोरदार धमाका
इसी दौरान कनिष्क विमान के कार्गों होल्ड में एक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट से विमान के पिछले और अगले हिस्से में दरारें आ गई और विमान के बीच में एक बड़ा गड्ढा हो गया था। कुछ ही सेकंड में उस बड़े गड्ढे से सामान और लोग बाहर की ओर नीचे गिरने लगे। कुछ ही पलों में विमान भी समुद्र में जा गिरा। जब आयरलैंड का बचाव दल मौके पर पहुंचा तो समुद्र में चारों तरफ तेल, बिखरे हुए शव और सामान तैर रहा था। विमान में 329 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें 268 कनाडाई नागरिक, 27 ब्रिटिश नागरिक, और 24 भारतीय नागरिक थे। लेकिन 131 शव ही मिल सके।
हमले के पीछे था खालिस्तानी आतंकियों का हाथ
इस घटना की जांच में पता चला कि विमान में बम खालिस्तानी समूह बाबर खालसा की ओर से रखा गया था। खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया था। इसके पीछे का मकसद भारत सरकार के खिलाफ बदला लेना था। इस घटना के बाद कनाडा और भारत के बीच संबंधों में तनाव आ गया। इस घटना की जांच आज भी जारी है। कनाडाई पुलिस और अधिकारियों ने इस मामले में कई आरोपियों को पकड़ा, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया में देरी और सबूतों की कमी के कारण अभी तक पूरी तरह से न्याय नहीं मिल पाया है। इस हादसे की जांच और सुनवाई में कई खामियां भी सामने आई हैं।