Maiden Pharma Cough Syrup: अब नाइजीरिया (Nigeria) और लाइबेरिया (Liberia) ने इंडिया के Maiden Pharma के चार कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। मैडन फार्मा के चार कफ सिरप के इस्तेमाल से गांबिया (Gambia) में 69 बच्चों की मौत का मामला थमता नहीं दिख रहा है। इससे दुनिया में इंडियन फार्मा कंपनियों की साख पर असर पड़ सकता है। इंडिया में ऐसी कई बड़ी फार्मा कंपनियां हैं, जो अमेरिका सहित दुनियाभर में दवाओं का एक्सपोर्ट करती हैं।
नाइजीरिया के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन एजेंसी कंट्रोल (NAFDAC) ने गुरुवार को मैडन फार्मा के चार कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है। इस बार में सभी अस्पतालों, प्रोफेशनल बॉडीज और मेडिसिन सप्लाई चेन से जुड़ी संस्थाओं को एडवायजरी भेज दी गई है। इसी तरह का अलर्ट लाइबेरिया में भी जारी किया गया है। हेल्थ मिनिस्टर Dr. Wilhelmina S. Jallah ने एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि हॉस्पिटल्स, हेल्थ सेंटर्स, क्लिनिक्स और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स को मैडन फार्मा के चार कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर सावधान रहना चाहिए।
World Health Organization (WHO) बता चुका है कि मैडन फार्मा के चार कफ सिरप के इस्तेमाल के बाद किडनी को नुकसान पहुंचने की आशंका है। गांबिया में इन कफ सिरप के इस्तेमाल के बाद 69 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें Promethazine Oral Solution, Kofexmalin Baby Cough Syrup, Makoff Baby Cough Syrup और Magrip N Cold Syrup शामिल हैं।
नाइजीरिया की सरकारी एजेंसी ने कहा है कि मैडन फार्मा ने अपने प्रोडक्ट्स की क्वालिटी और सेफ्टी को लेकर डब्ल्यूएचओ को किसी तरह की गारंटी नहीं दी है। इसलिए चारों कफ सिरप के सभी बैच को इस्तेमाल के लिए असुरक्षित माना जाना चाहिए। इन प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बच्चों और बड़े लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। उनकी मौत भी हो सकती है।
यह भी कहा गया है कि अब तक गांबिया में इन चारों प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। लेकिन इनफॉर्मल मार्केट्स के जरिये इन प्रोडक्ट्स के दूसरे बाजारों में भी पहुंचने के आसार हैं। इसलिए इनके इस्तेमाल को लेकर बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
Maiden Pharmaceuticals का प्लांट हरियाणा में स्थित है। इसके कफ सिरप के इस्तेमाल से गांबिया में बच्चों की मौत के बाद इस कंपनी के खिलाफ जांच चर रही है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कंपनी के प्लांट में दवाओं के उत्पादन में सुरक्षा और क्वालिटी से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जाता था।