IMF Chief ने कहा, अंधेरे के बीच उम्मीद की किरण जगाती है इंडियन इकोनॉमी

International Monetary Fund (IMF) और World Bank की सालाना बैठक के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में जॉर्जिवा ने कहा कहा कि निराशा के इस माहौल के बीच इंडिया को ब्राइट स्पॉट कहना ठीक होगा

अपडेटेड Oct 14, 2022 पर 9:52 AM
Kristalina Georgieva ने कहा कि इंडिया में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स में सबसे अहम डिजिटाइजेशन है। यह बड़ी सफलता है। इंडिया में सभी सेवाएं और मदद डिजिटल तरीके से दी जा रही हैं।

IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टिना जॉर्जिवा (Kristalina Georgieva) ने इंडियन इकोनॉमी को अंधेरे के बीच उम्मीद की किरण बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐसे वक्त है, जब इंडिया जी20 की अध्यक्षता करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिया इस ताकत के साथ दुनिया के इस पावरफुल संगठन का प्रमुख बनने जा रहा है।

जॉर्जिवा ने ये बातें गुरुवार को कही। उन्होंने कहा कि इंडिया की यह ताकत आने वाले कई सालों तक दुनिया पर अपना असर छोड़ेगी। इंडिया 1 दिसंबर, 2022 को जी20 का अध्यक्ष बन जाएगा। अगले साल 9-10 सितंबर को दिल्ली में इस संगठन में शामिल देशों के प्रमुखों की शिखर बैठक होगी।

यह भी पढ़ें : Infosys के कर्मचारी दूसरी जगह भी कर सकेंगे पार्ट-टाइम जॉब, Moonlighting को लेकर नई पॉलिसी बना रही कंपनी


International Monetary Fund (IMF) और World Bank की सालाना बैठक के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में जॉर्जिवा ने कहा कहा कि निराशा के इस माहौल के बीच इंडिया को ब्राइट स्पॉट कहना ठीक होगा। इसकी वजह यह है कि यह तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी है। मुश्किल वक्त में भी इसने ग्रोथ दिखाई है। सबसे अहम यह है कि इस ग्रोथ के पीछे ढांचागत सुधार (Structural Reforms) का हाथ है।

उन्होंने कहा, "इंडिया में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स में सबसे अहम डिजिटाइजेशन है। यह बड़ी सफलता है। इंडिया में सभी सेवाएं और मदद डिजिटल तरीके से दी जा रही है। इंडिया की सफलता में इस चीज का बहुत बड़ा हाथ है। इंडिया इस ताकत के साथ जी20 का अध्यक्ष बनने जा रहा है। इससे ऐसा लगता है कि इंडिया बतौर अध्यक्ष आने वाले कई सालों के लिए दुनिया पर अपना असर छोड़ेगा।"

उन्होंने कहा कि वे कौन से असर और क्षेत्र होंगे। यह डिजिटाइजेशन का क्षेत्र हो सकता है, जिसमें डिजिटल मनी शामिल होगी। उन्होंने कहा, "हमें पता है कि क्रिप्टो को रेगुलेट करना जरूरी है। हम जानते हैं कि हमें सीमा पार पेमेंट के मसले पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। हमारा मानना है कि क्रॉस बॉर्डर पेमेंट प्लेटफॉर्म के इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा सरकारी निवेश जरूरी है।"

आईएमएफ की चीफ ने कहा कि हमारी संस्थाओं को स्वच्छ बनाने के मामले में इंडिया अपना प्रभाव छोड़ सकता है। अगले साल हमें 16वें क्वार्टर रिव्यू पूरा करना होगा। आईएमएफ के लिए इंडिया एक मजबूत आवाज रहा है। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में इंडिया का प्रभाव महसूस किया जा सकता है। इसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते कि इंडिया ने सोलर और दूसरी तरह की रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसलिए अगले साल से मुझे बहुत आशाएं हैं और मेरा विश्वास है कि इससे इंडिया की 1.4 अरब की आबादी गर्व महसूस करेगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।