Iran-Pakistan Tensions: अमेरिका ने गुरुवार को उस सवाल को टाल दिया कि क्या पाकिस्तान ने ईरान पर जवाबी हवाई हमले करने से पहले वाशिंगटन से सलाह लिया था। दरअशल, मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान में हमले करने से पहले पाकिस्तान ने अमेरिका से बातचीत कर एयर स्ट्राइक से अवगत कराया था। विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने वाशिंगटन में एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "मेरे पास कोई निजी बातचीत की जानकारी नहीं है।"
मिलर ने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है और उसने सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मामले को बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। अमेरिका ने पाकिस्तान और उसके पड़ोसियों के बीच सहयोगात्मक संबंधों के महत्व के बारे में पाकिस्तान सरकार की टिप्पणियों पर गौर किया है।
पाकिस्तान ने गुरुवार को ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किए, जिसमें 9 लोग मारे गए। ऐसी आशंका है कि ईरान अब पाकिस्तान पर जोरदार पलटवार कर सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने गुरुवार (18 जनवरी) को एक शीर्ष पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि पाकिस्तान ने कहा है कि उसकी सेना "बेहद" हाई अलर्ट पर है और अब किसी भी तरह के ईरानी "दुस्साहस" का सख्ती से सामना किया जाएगा। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि उसने ईरान के अंदर दो प्रमुख बलूच आतंकवादी समूहों के ठिकानों पर प्रभावी हमले किए।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "आज सुबह पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी ठिकानों पर समन्वित और सैन्य हमले किए।" पाक ने कहा कि खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कई आतंकवादी मारे गए। इस अभियान का कोडनेम 'मार्ग बार सरमाचर' था। फारसी भाषा में 'मार्ग बार' का मतलब है 'मृत्यु' जबकि बलूच भाषा में 'सरमाचर' का मतलब गुरिल्ला है।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने एक बयान में कहा कि ड्रोन, रॉकेट, युद्धक सामग्री और अन्य हथियारों का इस्तेमाल करके सटीक हमले किए गए। ISPR ने कहा कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) जैसे आतंकवादी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ठिकानों पर खुफिया-आधारित ऑपरेशन में सफलतापूर्वक हमला किया गया। दोनों समूहों ने पहले भी पाकिस्तान में कई हमले किए हैं।
ईरान के सरकारी 'प्रेस टीवी' ने बताया कि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने हमले की निंदा की। साथ ही कहा कि ईरान की आपत्ति को पाकिस्तान तक पहुंचाने और हमले के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए मंत्रालय द्वारा पाकिस्तानी प्रभारी को बुलाया गया है। प्रांत के उप-गवर्नर अलीरजा मरहमती के हवाले से चैनल ने कहा कि हमले में दो पुरुषों, तीन महिलाओं और चार बच्चों सहित 9 गैर-ईरानी नागरिक मारे गए।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच ईरानी सुरक्षा अधिकारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रांत की राजधानी जाहेदान से 347 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में सरवन शहर के पास भी एक विस्फोट हुआ, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ। ईरान के गृहमंत्री अहमद वाहिदी ने अपराह्न में मृतकों की संख्या की पुष्टि की।
पश्चिम एशिया में बढ़ी टेंशन
ईरान के हमले और पाकिस्तान के जवाबी हमलों ने पश्चिम एशिया के अस्थिर क्षेत्र में चिंताएं बढ़ा दी है। यहां पहले से ही गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजराइल के युद्ध और यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में मालवाहक जहाजों को निशाना बनाए जाने से तनाव व्याप्त है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान ने ईरान के अंदर खुद को 'सरमाचर' कहने वाले पाकिस्तानी मूल के आतंकवादियों के सुरक्षित पनाहगाहों के बारे में ईरान के साथ लगातार अपनी गंभीर चिंताओं को साझा किया है।
विदेश कार्यालय ने कहा, 'हालांकि, हमारी गंभीर चिंताओं पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण ये तथाकथित सरमाचर बेखौफ होकर निर्दोष पाकिस्तानियों का खून बहाते रहे। आज सुबह की कार्रवाई इन तथाकथित सरमाचर द्वारा आसन्न बड़े पैमाने पर आतंकवादी गतिविधियों की ठोस खुफिया जानकारी के आलोक में की गई।' पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बयान में कहा, 'यह कार्रवाई सभी खतरों के खिलाफ अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पाकिस्तान के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करती है।'
साथ ही उसने कहा कि पाकिस्तान अपने लोगों की सुरक्षा और संरक्षा को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना जारी रखेगा। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा कि दोनों पड़ोसी भाईचारे वाले देश हैं और उन्हें बातचीत तथा आपसी परामर्श से मुद्दों का समाधान करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करेगा।