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पाकिस्तान ने IMF की सबसे मुश्किल शर्त भी मानी, लोगों की जिंदगी होगी और बदहाल

पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली ने 21 फरवरी (मंगलवार) को कई चीजों पर टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। IMF ने कहा था कि जब तक पाकिस्तान की सरकार चीजों पर टैक्स नहीं बढ़ाती है तब तक उसे आर्थिक मदद नहीं मिलेगी। हालांकि, टैक्स बढ़ने की वजह से पहले से मुश्किल का सामना कर रहे आम लोगों की जिंदगी और तकलीफदेह हो जाएगी

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 21, 2023 पर 3:27 PM
पाकिस्तान ने IMF की सबसे मुश्किल शर्त भी मानी, लोगों की जिंदगी होगी और बदहाल
21 फरवरी को नेशनल एसेंबली ने जो बिल पारित किया है, उसे फाइनेंस (सप्लमेंटरी) बिल, 2023 कहा गया है। इसे 'मिनी बजट' भी बताया जा रहा है।

पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली (National Assembly) ने 21 फरवरी को उस वित्त विधेयक को पारित कर दिया है, जिसमें टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने का प्रस्ताव है। दरअसल, IMF ने पाकिस्तान की सरकार के सामने टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने की शर्त रखी थी। इस शर्त के पूरी होने पर पाकिस्तान को IMF से 1.1 अरब डॉलर का कर्ज मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पाकिस्तान को इस कर्ज की बहुत जरूरत है। अगर यह पैसा नहीं मिला तो पाकिस्तान की सरकार के सामने गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में कुछ ही दिनों के आयात के लिए पैसे बचे हैं। वहां इनफ्लेशन 35 फीसदी तक पहुंच गया है। दूध, ब्रेड और आटा जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि लोगों के लिए उन्हें खरीदना मुश्किल हो गया है।

IMF ने मदद के लिए रखी थी कड़ी शर्त

नेशनल एसेंबली पाकिस्तान की संसद का निचला सदन है। आईएमएफ की चीफ Kristalina Georgieva ने शुक्रवार को जर्मनी में कहा था कि पाकिस्तान को कर्ज हासिल करने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान हालात को और बिगड़ने से रोकना चाहता है तो उसे ज्यादा कमाई करने वाले लोगों पर टैक्स बढ़ाना होगा। साथ ही उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सब्सिडी का फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को दिया जाए, जिनकी इसकी जरूरत है।

कई चीजों पर बढ़ जाएगा टैक्स

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