पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली (National Assembly) ने 21 फरवरी को उस वित्त विधेयक को पारित कर दिया है, जिसमें टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने का प्रस्ताव है। दरअसल, IMF ने पाकिस्तान की सरकार के सामने टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने की शर्त रखी थी। इस शर्त के पूरी होने पर पाकिस्तान को IMF से 1.1 अरब डॉलर का कर्ज मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पाकिस्तान को इस कर्ज की बहुत जरूरत है। अगर यह पैसा नहीं मिला तो पाकिस्तान की सरकार के सामने गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में कुछ ही दिनों के आयात के लिए पैसे बचे हैं। वहां इनफ्लेशन 35 फीसदी तक पहुंच गया है। दूध, ब्रेड और आटा जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि लोगों के लिए उन्हें खरीदना मुश्किल हो गया है।
