Twitter से खाली हाथ नहीं जाएंगे पराग अग्रवाल, नए मालिक एलॉन मस्क को देने होंगे 346 करोड़ रुपए

एलॉन मस्क (Elon Musk) ने ट्विटर (Twitter) का 'सफाई अभियान' शुरू कर दिया है और इसकी शुरुआत कम से कम चार बड़े अधिकारियों को नौकरी से हटाकर की है

अपडेटेड Oct 28, 2022 पर 1:54 PM
Twitter से खाली हाथ नहीं जाएंगे पराग अग्रवाल (PHOTO-Moneycontrol Hindi)

Musk Twitter Deal: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) की कमान अब दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) के हाथों में चली गई है। मस्क ने ट्विटर को 44 अरब डॉलर में खरीद लिया है। नए मालिक ने आते ही कंपनी में कई बड़े बदलाव किए, जो आज चर्चाओं में हैं। इनमें सबसे बड़ा फैसला है ट्विटर के भारतीय मूल के CEO पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) को हटाना। मस्क ने अग्रवाल को हटाने के बाद ट्वीट किया, "पंछी आजाद हुआ।"

मस्क की ट्विटर खरीद पूरी (Twitter Deal) होने के साथ ही पराग अग्रवाल को निकाल दिया गया है। हालांकि, ये भी पता चला है कि पराग अग्रवाल ट्विटर से खाली हाथ नहीं जाएंगे। न्यूज एजेंसी Reuters के अनुसार, पराग अग्रवाल को करीब 42 मिलियन डॉलर यानी करीब 346 करोड़ रुपए कंपनी की तरफ से मिलेंगे।

पराग अग्रवाल को इतनी बड़ी रकम क्यों मिलेगी, इसका कारण भी जान लीजिए। दरअसल जब भी कोई शख्स किसी बड़ी कंपनी का CEO बनता है, तो उसे सैलरी के अलावा कंपनी के कुछ शेयर भी दिए जाते हैं।


ऐसे में अगर किसी कारण से कंपनी उस शख्स को निकालती है, जैसे मस्क ने अग्रवाल को निकाला है, तो उनके सभी शेयरहोल्डिंग का भुगतान कंपनी को करना होगा।

New York Times ने अपनी खबर में कहा कि मस्क ने ट्विटर को खरीदने के 44 अरब डॉलर की डील को बृहस्पतिवार को अमलीजामा पहना दिया। मस्क ने अग्रवाल के साथ-साथ ट्विटर के कानूनी मामलों की शीर्ष अधिकारी विजया गाड्डे को भी हटा दिया है।

इस मामले से जुड़े लोगों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि मस्क ने ट्विटर का 'सफाई अभियान' शुरू कर दिया है और इसकी शुरुआत कम से कम चार कार्यकारी को नौकरी से हटाकर की है।

खबर के मुताबिक, ट्विटर के जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनमें अग्रवाल और गाड्डे के अलावा मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नेड सेगल और जनरल काउंसिल सीन एजेट शामिल हैं।

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CNN ने कहा कि इस डील के पूरा होने के साथ ट्विटर के कारोबार, इसके कर्मचारियों और शेयर होल्डर्स के बीच अब तक, जो संशय बरकरार था, वो भी दूर हो गया है।

38 साल के पराग अग्रवाल को पिछले साल नवंबर में कंपनी के कोफाउंडर जैक डोर्सी के इस्तीफे के बाद ट्विटर का CEO नियुक्त किया गया था।

IIT, बॉम्बे और स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुके अग्रवाल ने एक दशक से ज्यादा समय पहले ट्विटर में नौकरी शुरू की थी। उस समय कंपनी में 1,000 से भी कम कर्मचारी हुआ करते थे।

मस्क और अग्रवाल के बीच हुई थी कहासुनी!

NYT की खबर के अनुसार, “पिछले साल ट्विटर के CEO नियुक्त किए गए अग्रवाल की मस्क के साथ सार्वजनिक और निजी रूप से कहासुनी हो गई थी। मस्क ने ‘कंटेंट मॉडरेशन’ को लेकर हुए फैसलों के मामले में गाड्डे की भूमिका की भी सार्वजनिक तौर पर आलोचना की थी।” कंटेंट मॉडरेशन ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी और उसकी छंटनी करने का एक प्रोसेस है।

ट्विटर के कोफाउंडर बिज स्टोन ने इन अधिकारियों का आभार जताते हुए ट्वीट किया, "पराग, विजया और नेड सेगल ट्विटर में योगदान के लिए आपका आभार। बहुत ही प्रतिभाशाली होने के साथ-साथ आप बहुत अच्छे इंसान भी।"

इसके साथ ही मस्क ने ट्विटर पर अपने Bio को बदलकर ‘चीफ ट्विट’ कर दिया है।

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