Pegasus Spyware News: पेगासस मामले में WhatsApp ने US कोर्ट में जीता केस, अदालत ने NSO ग्रुप को ठहराया दोषी

Pegasus Spyware News: वॉट्सऐप और पेगासस के बीच चल रहे विवाद में अमेरिकी अदालत ने मेटा प्लेटफॉर्म्स के वॉट्सऐप के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस फैसले में इजरायल की स्पाइवेयर कंपनी NSO ग्रुप को जिम्मेदार ठहराया है। अदालत ने वॉट्सऐप में स्पाइवेयर स्थापित करने का दोषी पाया है। भारत में एक बार फिर से इस सॉफ्टवेयर के जरिए होने वाली फोन टैपिंग पर बहस शुरू हो सकती है

अपडेटेड Dec 22, 2024 पर 12:55 PM
Pegasus Spyware News: Meta के मैसेजिंग ऐप ने साल 2019 में अमेरिका में इसे लेकर मुकदमा दायर किया था। इसी मुकदमे का अब फैसला आया है।

पेगासस मामले में WhatsApp को बड़ी जीत हासिल हुई है। NSO ग्रुप टेक्नोलॉजीज को हैकिंग के मामले में दोषी पाया गया है। ये स्‍पाइवेयर पीड़ितों के लिए भी बड़ी जीत है। अमेरिकी की एक कोर्ट ने वॉट्सऐप के हक में फैसला सुनाया है। दरअसल अमेरिका (United States Of America) में कैलिफोर्निया (California) के संघीय जज फिलिस हैमिल्टन ने दोनों पक्षों के बीच चल रहे एक मामले में वॉट्सऐप के पक्ष में फैसला सुनाया है। वहीं एनएसओ ग्रुप को इस मामले में दोषी ठहराया गया है। जज ने कहा इजरायली कंपनी ने अमेरिकी हैकिंग कानूनों और वॉट्सऐप की सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है।

यह मामला 2019 से जुड़ा है, तब वॉट्सऐप ने 2019 में NSO ग्रुप पर आरोप लगाया था कि उसने वॉट्सऐप के एक बग का फायदा उठाकर पेगासस स्पाइवेयर के जरिए 1400 लोगों के फोन को हैक किया था। इस स्पाइवेयर ने वॉट्सऐप सर्वरों तक अवैध पहुंच बनाई और यूज़र के डिवाइसेज़ पर जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया। जिससे उनकी बातचीत और डेटा की निगरानी की गई। भारत में भी पेगासस और वॉट्सऐप का मामला चल रहा है। वॉट्सऐप की जीत के साथ ही उसका यह दावा साबित होता है कि 1400 लोगों के फोन हैक किए गए हैं। इन 1400 लोगों में से 300 प्लस भारत के हैं।

पेगासस ने कहा था, सरकार से ही डील करते हैं हम…


साल 2021 में पेगासस का इस्तेमाल 300 से ज्यादा भारतीय मोबाइल नंबरों पर करने का दावा किया था। जिसमें मोदी सरकार के दो मौजूदा मंत्री, तीन विपक्षी नेता, कई पत्रकार और कारोबारी शामिल थे। हालांकि सरकार ने इसका खंडन किया था. पेगासस बनाने वाली कंपनी का कहना है कि वह केवल सरकारों और सरकारी एजेंसियों से ही डील करती है। अब जब अमेरिकी कोर्ट में एनएसओ केस हार गया है तब एक बार फिर भारत में इसकी पुरानी फाइलें खोली जा सकती हैं। हालांकि साल 2021 में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था, भारत के निगरानी कानून यह सुनिश्चित करते हैं कि अनऑथराइज सुपरविजन न हो और टैपिंग की बातें गलत हैं।

एनएसओ ग्रुप को झटका

अमेरिकी जिला जज फिलिस हैमिल्टन ने वॉट्सऐप के पक्ष में फैसला सुनाया है। जिसमें पाया गया कि एनएसओ ग्रुप ने राज्य और संघीय हैकिंग कानूनों के साथ-साथ वॉट्सऐप की सेवा शर्तों का भी उल्लंघन किया है। अदालत ने ये भी तय किया कि एनएसओ ग्रुप ने अमेरिकी कंप्यूटर धोखाधड़ी और दुरुपयोग अधिनियम का उल्लंघन किया है, जो स्पाइवेयर मेकर के लिए एक बड़ा झटका है। अदालत ने कहा कि अब इस मामले में सिर्फ क्षतिपूर्ति के सवाल पर सुनवाई होगी।

वॉट्सऐप प्रमुख ने दिया यह जवाब

वॉट्सऐप के प्रमुख विल कैथकार्ट ने इस फैसले पर अपना प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ वॉट्सऐप की ही नहीं, बल्कि प्राइवेसी की भी जीत है। साथ ही कैथकार्ट ने यह भी कहा कि वॉट्सऐप हमेशा ही लोगों की प्राइवेसी की सुरक्षा का ध्यान रखेगा।

'आपकी उपलब्धियों को सेलिब्रेट करने आया हूं': कुवैत में भारतीयों से बोले पीएम मोदी, पढ़ें- संबोधन की बड़ी बातें

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।