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WEF Davos 2022: 'कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल टिकाऊ नहीं', दावोस में बोले पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी

WEF Davos 2022: पुरी ने कहा कि सच यह है कि यह टिकाऊ नहीं है, भारत के आसपास के देशों में भी ये देखा गया है। साथ ही अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में भी ऐसा ही देखने को मिला है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 24, 2022 पर 9:56 PM
WEF Davos 2022: 'कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल टिकाऊ नहीं', दावोस में बोले पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी
हरदीप पुरी ने कहा कि सरकार ने नागरिकों पर पड़ने वाले असर को कम करने के उपाय किए हैं

भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने 24 मई को स्विट्जरलैंड (Switzerland) के दावोस (Davos) में कहा कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल "टिकाऊ नहीं है।" दावोस में कई देशों के प्रमुख और वैश्विक व्यापार जगत के लीडर वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम (WEF) समिट के लिए पहुंचे हैं।

मंत्री का बयान उस दिन आया, जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 113 डॉलर के पार हो गई और WTI क्रूड 110 डॉलर पर पहुंच गया। क्रूड की भारतीय बास्केट 23 मई को 110.98 डॉलर प्रति बैरल थी, जिसमें दुबई, ओमान और ब्रेंट क्रूड शामिल हैं।

पुरी ने CNBC-TV18 से बात करते हुए कहा, "110 डॉलर प्रति बैरल पर तेल की कीमत टिकाऊ नहीं है। सच यह है कि यह टिकाऊ नहीं है, भारत के आसपास के देशों में भी ये देखा गया है। साथ ही अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में भी ऐसा ही देखने को मिला है।"

उन्होंने कहा कि वैश्विक कीमतें भारत जैसे देशों के लिए प्रमुख चिंता का विषय हैं। भारत अपनी ईंधन जरूरत का 85 प्रतिशत इंपोर्ट करता है।

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