Ismail Haniyeh: 13 में से तीन बेटों को भी इजरायल ने मारा, 1962 में शरणार्थी कैंप में हुआ जन्म, कौन था हमास का नेता इस्माइल हानिया?

Ismail Haniyeh Killed: ईरान के सरकारी टीवी चैनल की खबर के अनुसार, तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या कर दी गई। हमास ने तेहरान में हवाई हमले में अपने नेता इस्माइल हनियेह की मौत की पुष्टि की और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया

अपडेटेड Jul 31, 2024 पर 5:14 PM
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Ismail Haniyeh: कौन था हमास का नेता इस्माइल हानिया? इरान में हुई हत्या

इस्माइल हानिया पिछले दो दशकों से हमास के सबसे सीनियर नेताओं में से एक था। पिछले कुछ सालों से कतर में रहकर वो इस आतंकवादी समूह का राजनीतिक कामकाज संभाल रहा था। हानिया कतर में शरणार्थी के तौर पर रह रहा था। मंगलवार को हानिया ईरान रेजिस्टेंस के बड़े नेतओं और दूसरे वरिष्ठ सदस्यों के साथ ईरान में था। वो राष्ट्रपति के आधिकारिक समारोह में भाग लेने के लिए ईरान में था।

हमास के राजनीतिक नेता के रूप में, वो गुट की अहम बातचीत और कूटनीति के केंद्र में सबसे अहम व्यक्ति था। इजरायल के साथ रुकी हुई संघर्ष विराम समझौते की बातचीत में भी हानिया शामिल था।

2006 में बना गाजा में हमास का नेता


ईरान के सरकारी टीवी चैनल की खबर के अनुसार, तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या कर दी गई। हमास ने तेहरान में हवाई हमले में अपने नेता इस्माइल हनियेह की मौत की पुष्टि की और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया।

हानिया को 2006 में गाजा में हमास का नेता बनाया गया था। उस साल, उसने कुछ समय के लिए फिलिस्तीनी एकता सरकार के प्रधान मंत्री का पद भी संभाला था। हालांकि, महीनों के तनाव के बाद इसे भंग कर दिया गया था, तब फिलिस्तीनी गुटों के बीच सशस्त्र संघर्ष भी हुआ था।

इजरायल हमास युद्ध रोकने के लिए कर रहा था बात

2017 में, उसे हमास के राजनीतिक ब्यूरो का नेता नियुक्त गया था। ये वो वक्त था, जब हमास फिलिस्तीनियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी इमेज को सुधारने की कोशिश कर रहा था।

हानिया ने हाल के सालों में कतर और तुर्की से हमास का नेतृत्व किया। इजरायल में हमास के हमले में पकड़े गए बंधकों के बदले में गाजा में युद्ध खत्म करने के लिए इजरायल और हमास के बीच बातचीत चल रही है, जिसकी मध्यस्थता मिस्र, कतर और अमेरिका कर हैं। इस बातचीत में हमास के वार्ताकारों में से एक हानिया भी था।

शरणार्थी कैंप में हुआ था जन्म

हानिया का जन्म 1962 में गाजा शहर के उत्तर में शाती शरणार्थी कैंप में फिलिस्तीनी परिवार में हुआ था, जो 1948 में अपने घर से विस्थापित हो गए थे, जो अब इजरायल है, अश्कलोन में।

उसने फिलिस्तीनियों के लिए मेन संयुक्त राष्ट्र एजेंसी, UNRWA के स्कूलों में पढ़ाई की और गाजा के इस्लामिक यूनिवर्सिटी में अरबी साहित्य की पढ़ाई भी की।

गाजा में सत्ता तक पहुंचने में उसे उसके गुरु, आध्यात्मिक नेता और हमास के संस्थापक शेख यासीन की मदद मिली। हानिया कभी शेख यासीन का निजी सचिव भी रहा है।

2003 में भी हुई हत्या कोशिश

2003 में इजरायल ने इन दोनों की हत्या की कोशिश भी की थी। इसके अगले साल ही यासीन को इजरायली सेना ने मार डाला। तब इस्माइल हानिया (Ismail Haniyeh) ने उस समय गाजा शहर में शिफा अस्पताल के बाहर जमा भीड़ से कहा, "आपको रोने की जरूरत नहीं है। आपको दृढ़ रहना होगा, और आपको बदला लेने के लिए तैयार रहना होगा।"

मई में, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के वकील ने कहा कि वो हानिया के लिए गिरफ्तारी वारंट की मांग करेंगे। अभियोजक ने उस पर और हमास के दूसरे नेताओं पर इजरायल पर 7 अक्टूबर के हमले में युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का आरोप लगाया, जिसमें "तबाही मचाना, हत्या, बंधक बनाना, बलात्कार और हिरासत में यौन उत्पीड़न" के आरोप शामिल है।

13 में से तीन बेटों को इजरायल ने मारा

जून में, हमास ने कहा कि गाजा में हानिया परिवार के घर पर इजरायली सेना के हमले में उसकी बहन और उसका परिवार मारा गया, सेना ने इस दावे की पुष्टि नहीं की। अप्रैल में, गाजा में एक अन्य सैन्य अभियान में इजरायली सेना ने हानिया के 13 बेटों में से तीन को मार दिया था।

हालांकि, हानिया तब भी नहीं टूटा और उसने उस समय कहा, "चाहे कितनी भी कुर्बानियां देनी पड़े, हम हार नहीं मानेंगे।" उसने कहा कि वो पहले ही युद्ध में अपने परिवार के दर्जनों लोगों को खो चुका है।

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