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World Bank ने भी अब वैश्विक मंदी के बढ़ते खतरे से आगाह किया, इससे बचने के उपाय भी बताए

दुनिया की तीन सबसे बड़ी इकोनॉमीज में तेज गिरावट आई है। इनमें अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ शामिल हैं। वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी पर यह चोट अगले साल मंदी का रूप ले सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 16, 2022 पर 10:51 AM
World Bank ने भी अब वैश्विक मंदी के बढ़ते खतरे से आगाह किया, इससे बचने के उपाय भी बताए
WORLD BANK की रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय बैंकों को इनफ्लेशन में कमी लाने के लिए इंटरेस्ट रेट में और 2 फीसदी वृद्धि करनी होगी।

World Bank ने भी वैश्विक मंदी के बढ़ते खतरे से आगाह किया है। उसने इसकी वजह दुनियाभर में इंटेस्ट रेट का बढ़ना बताया है। दरअसल, इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, इंडिया सहित दुनिया के कई बड़े देशों में केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट लगातार बढ़ा रहे हैं। इसका असर इकोनॉमी की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

दुनिया की तीन सबसे बड़ी इकोनॉमीज में तेज गिरावट आई है। इनमें अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ शामिल हैं। वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी पर यह चोट अगले साल मंदी का रूप ले सकती है। उसने कहा है कि 1970 से मंदी के बाद शुरू हुई रिकवरी के बाद ग्लोबल इकोनॉमी में सबसे तेजी गिरावट दिख रही है। पिछली ग्लोबल मंदी की शुरुआत से पहले इस बार कंज्यूमर कॉन्फिडेंस में तेज गिरावट दिख रही है।

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वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट David Malpass ने कहा, "ग्लोबल ग्रोथ में तेजी से कमी आ रही है। अगर इसमें और कमी आई तो कई देश मंदी में चले जाएंगे।" उन्होंने कहा कि चिंता यह है कि इस ट्रेंड के जारी रहने के आसार हैं। उभरते और विकासशील देशों पर इसके भयावह असर देखने को मिलेंगे।

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