ऑनलाइन ट्रेवल कंपनी EasyMyTrip (EMT) ने हाल में वीवी पॉजिशन के लिए एक कैंडिडेट को फाइनल किया। कपनी के को-फाउंडर प्रशांत पिटी ने कैंडिडेट को एक महीने तक गाइड किया। ज्वाइनिंग के दिन एक मैसेज ने पिटी को हैरान कर दिया। कैंडिडेट ने मैसेज में कहा था, "अफसोस के साथ मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि मैं इस वक्त EMT ज्वाइन नहीं कर पाउंगा।"
यह कैंडिडेट EMT ज्वाइन करने के लिए पूरी तरह से तैयार था, लेकिन उसकी मुलाकात एक D2C ब्रांड के सीईओ से हुई, जो इसी तरह का बिजनेस शुरू कर रहे थे। फिर कैंडिडेट ने अपना फैसला बदल दिया।
पिटी ने मनीकंट्रोल को बताया, "मैं हैरान था, क्योंकि अब तक यह जूनियर लेवल पर होता था। लेकिन, सीनियर लेवल पर यह कहना कि मैं तय तारीख को ज्वाइन नहीं कर पाउंगा और मुझे ईश्वर की कृपा से दूसरा मौका मिल गया है वाकई परेशान करने वाला है।"
पिटी ने एचआर डिपार्टमेंट को यह चेक करने के लिए कहा कि ऐसा कितनी बार होता है कि एंप्लॉयी ऑफर लेटर एक्सेप्ट करता है, ज्वाइनिंग कनफर्म करता है, लेकिन आखिर में ज्वाइन नहीं करता है। HR डिपार्टमेंट ने पाया कि इस तरह के मामले 42 फीसदी हैं।
"Offer Shopping" का मतलब ऐसी स्थिति से है, जब कैंडिडेट के पास एक से ज्यादा जॉब के ऑफर होते हैं। वह इसका इस्तेमाल दूसरी कंपनियों में ज्यादा पैकेज और सुविधाएं पाने के लिए करता है। कुछ मामलों में तो वह अपनी मौजूदा कंपनी के साथ मोलभाव करता है। इससे कंपनियों में ऑफर-टू-ज्वाइनिंग रेशिया घट जाता है।
इंडिया में यह नई चीज नहीं है। खासकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में ऐसा पहले से होता रहा है। इसमें नई बात यह है कि यह अब तक जूनियर लेवल पर होता था। अब वीपी और एसवीपी जैसे सीनियर एंप्लॉयी भी ऐसा करने लगे हैं जो बाद में कंपनी में टॉप पॉजिशन (CXO) संभालते हैं।
रिक्रूटमेंट फर्म Zyoin ने पाया कि स्टार्टअप में सीनियर लेवल पर 48 फीसदी कैंडिडेट्स ऑफर ड्रॉप कर देते हैं। मिड-साइज और लार्ज प्रोडक्ट कंपनियों में यह 35 फीसदी है। Zyoin के फाउंडर और सीईओ अनुज अग्रवाल ने कहा, "हमने देखा है कि कोविड से पहले के मुकाबले यह ट्रेंड 40-70 फीसदी बढ़ा है।"
कई दूसरी स्टाफिंग फर्मों ने भी सीनियर लेवल पर ऑफर ड्रॉपिंग के मामलों में इजाफा देखा है। टीमलीज एजुकेशन फाउंडेशन के चीफ बिजनेस ऑफिसर सुमित कुमार ने बताया कि इसके दो पहलू हैं। पहले का संबंध मार्केट में उपलब्ध मौकों से है, जिसका मूल्यांकन ऑफर किए जा रहे रोल के आधार पर किया जाता है। दूसरे का संबंध अपने आसपास ज्यादा ऑप्शंस देखने और फिर इंगेज होने से है। उन्होंने बताया कि कोरोना की महामारी के दौरान टीमलीज ने CTO की डिमांड में काफी उछाल देखी।