NEET 2026 Paper Leak: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे विवाद पर कई अपडेट साझा किए हैं। उन्होंने न सिर्फ पेपर लीक की जिम्मेदारी ली, बल्कि भविष्य में परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए ऑनलाइन मोड की ओर बढ़ने का भी बड़ा एलान किया। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि सरकार परीक्षा माफिया के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
नीट (NEET UG) परीक्षा को लेकर मचे घमासान के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्वीकार किया कि सिस्टम में चूक हुई है। उन्होंने छात्रों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए सरकार की ओर से उठाए जा रहे निर्णायक कदमों की जानकारी दी। आइए धर्मेंद्र प्रधान ने जो 3 बड़ी बातें बताईं उसके बारे में आपुको जानकारी देते हैं।
अगले साल से ओएमआर (OMR) खत्म, होगी ऑनलाइन परीक्षा
पेपर लीक जैसी घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने परीक्षा के स्वरूप में बड़े बदलाव का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक वर्ष से NEET UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। अब तक यह परीक्षा पेन-पेपर (OMR शीट) मोड में होती रही है। इस कदम का उद्देश्य पेपर लीक की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त करना और परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना है।
CBI जांच शुरू: परीक्षा माफिया को कंट्रोल करने का वादा
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि हम स्वीकार करते हैं कि सिस्टम में सेंधमारी हुई है और हम इसकी जिम्मेदारी लेते हैं। CBI ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है और वह इस गड़बड़ी की गहराई तक जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और भ्रामक जानकारी फैलाने वाले हैंडल्स पर भी नजर रखी जा रही है। सिस्टम को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ी सजा दी जाएगी।
री-एग्जामिनेशन की नई तारीख का एलान
3 मई को हुई परीक्षा के रद्द होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने का शेड्यूल जारी कर दिया है। NEET UG 2026 की नई परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि ऐसी समस्याओं के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और आगामी परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
कैसे हुआ पेपर लीक का खुलासा?
शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक की टाइमलाइन भी साझा की।
7 मई: NTA को पहली शिकायत मिली कि एक गेस पेपर (Guess Paper) के कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मिल रहे हैं।
12 मई: उच्च शिक्षा विभाग और सरकारी एजेंसियों की जांच में यह पुष्टि हो गई कि गेस पेपर के नाम पर दरअसल असली परीक्षा के सवाल ही लीक किए गए थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जो लोग डर पैदा कर रहे हैं और बाधा डाल रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि वे आगामी परीक्षा प्रक्रिया से दूर रहें। वरना उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने आश्वस्त किया है कि सरकार इस मामले पर कड़ी निगरानी रखे हुए है।