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सही फाइनेंशियल प्लानिंग, सुनहरे भविष्य की नींव

बिना उचित वित्तीय रणनीति के भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को हासिल कर पाना नामुमकिन है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 12, 2013 पर 1:11 PM
सही फाइनेंशियल प्लानिंग, सुनहरे भविष्य की नींव

फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत जीवन में हर कदम पर होती है। बिना उचित वित्तीय रणनीति के वित्तीय लक्ष्यों को हासिल कर पाना नामुमकिन है। फाइनेंशियल प्लानिंग के बारे में हर व्यक्ति को युवा अवस्था से ही सोचना चाहिए, ताकि भविष्य के वित्तीय जरूरत को आसानी से पूरा किया जा सके। वहीं फाइनेंशियल प्लानिंग हर व्यक्ति को निवेश के प्रति अनुशासत्मक बनाती है। वहीं हर व्यक्ति को अपनी युवा अवस्था की शुरुआत से निवेश की रणनीति बनानी चाहिए, जिसका लाभ उस भविष्य में मिलता है।

निवेश और बचत के तरीके-

1- क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान समय पर करें- व्यक्ति को अपने क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान समय पर करना चाहिए। क्योंकि समय पर बिल का भुगतान नहीं करने पर बाद में मूल भुगतान से ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। एक कुशल वित्तीय रणनीतिकार को ऐसी परिस्थितियों से हमेशा बचना चाहिए।

2-खर्चों का बजट तैयार करें- एक निवेशक के लिए यह बेहद जरूरी कदम होता है कि वह अपने खर्चों का सही और नियंत्रित बजट तैयार करें। इसके बाद है निवेश की नींव रखी जा सकती है। वहीं एक सही निवेशक को अपने खर्चों पर हमेशा नियंत्रण रखना चाहिए, इसके लिए गैर-जरूरी खर्चों पर लगाम लगाना चाहिए।

3-एक निर्धारित राशि जरूर जमा करें- व्यक्ति हर महीने एक निर्धारित राशि पहले अपने खाते में जमा कर देना चाहिए। ताकि निवेश की प्रक्रिया जारी रहे, वहीं जमा की गई राशि को अपने नियमित खर्चों की पूर्ति में नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि यही राशि भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में मददगार साबित होती है।

4-व्यक्ति यदि कार-बाइक का शौकीन है तो महंगी कार या बाइक लेने के अपेक्षा सस्ती, अच्छी कोई पुरानी गाड़ी खरीदने को प्राथमिकता देनी चाहिए। क्योंकि नई गाड़ी में अधिक राशि खर्च करने से निवेश का लक्ष्य डगमगा सकता है। इसके अलावा अपने निवेश को और अधिक बढ़ावा देने के लिए आकर्षक छूट पर मिलने वालों सामानों की ओर भी गैर-जरूरी आकर्षित नहीं होना चाहिए।

यदि निवेशक की उम्र 20 साल की है, तो वह आसानी से ज्यादा रिटर्न के लिए जोखिम ले सकता है। निवेशक को अपने निवेश का दायरा बढ़ाना चाहिए और अपने निवेश का कुछ हिस्सा इक्विटी बाजार में लगाना चाहिए। वहीं अपनी मासिक आय का 3-6 गुना बराबर का हिस्सा इमरजेंसी के तौर पर बैंक खाते में हमेशा रखना चाहिए। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति को अपने प्रत्येक निवेश में लंबी अवधि का नजरिया रखना चाहिए।

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