ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करना जितना सिंपल, सिक्योर और फॉस्ट है, उतना ही गड़बड़ होने का खतरा बना रहता है। कई बार आपकी लापरवाही का फायदा हैकर्स भी उठा लेते हैं। ऐसे में जरूरी है कि ऑनलाइन बैंकिंग यूजर्स होने के नाते आप जरूर कुछ बातों का ध्यान रखें। ऐसा करने से आपको फ्यूचर में किसी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आप आसानी से बिना किसी फ्रॉड के ऑनलाइन या मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल कर पाएंगे।
अपने पासवर्ड को रेग्युलर बदलें
आप पहली बार बैंक का दिया पासवर्ड इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन उसके बाद उसे तुरंत बदल दें। इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड बदलते रहना चाहिए। ताकि आपका अकाउंट सेफ रहे। अपना पासवर्ड भी किसी को न बताएं। बैंक कभी भी अपने कस्टमर से पासवर्ड नहीं मांगता। इसलिए किसी से भी अपना कस्टमर आईडी या पासवर्ड शेयर न करें। अपने लॉगइन की जानकारी न दें। अपना लॉग इन आईडी और पासवर्ड बैंक की वेबसाइट के पेज पर जाकर ही भरें।
साइबर कैफे में न खोले बैंक अकाउंट
साइबर कैफे में पासवर्ड चोरी होने या अकाउंट हैक होने का खतरा ज्यादा रहता है। अगर आप इन जगहों पर अपना अकाउंट खोलते हैं तो हिस्ट्री डिलीट कर दें। सभी टेंपरेरी फाइल डिलीट कर दें। ब्राउजर में आईडी और पासवर्ड सेव न करें।
सेविंग अकाउंट पर रखें नजर
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय अकाउंट पर नजर जरूर रखें। वेरिफाई करें कि इसमें सही अमाउंट है या नहीं। अगर अमाउंट में कोई फर्क दिखे तो तुरंत बैंक को संपंर्क करें।
एंटी वाइरस का करें इस्तेमाल
कोई आपका बैंक अकाउंट हैक न करे इसके लिए लैपटॉप या डेस्कॉप कंप्यूटर पर लाइसेंस एंटी वायरस डाउनलोड करके रखें। आप अपने एंटी वायरस को अपडेट करते रहें, ताकि आपकी कॉन्फिडेंशियल जानकारी सेफ रहें। पाइरेटेड एंटी वाइरस का इस्तेमाल न करें।
अपने इंटरनेट बैंकिंग यूआरएल को टाइप करें
अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के एड्रेस बार पर बैंक का यूआरएल टाइप करें। ये ईमेल पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित है। कई हैकर्स ईमेल पर ऑरिजनल दिखने वाली बैंक वेबसाइट के फ्रॉड मेल और लिंक भेजते हैं। इन पर क्लिक कर डिटेल भरने से वह आपकी डिटेल आसानी से हैक कर सकते हैं। जबकि ‘http://’ के साथ बैंक यूआरएल लिखने पर सही बैंक वेबसाइट ही खुलेगी।