दुनिया की सबसे अधिक वैल्यूएशन वाली एडटेक कपनी बायजूस (Byju’s) ने फिर 1,000 से 1,200 के बीच कर्मचारियों की छंटनी (Layoff) की है। यह छंटनी ऐसे समय में हुई है, जब Byju’s तेजी को खुद को मुनाफे में लाने की कोशिश कर रही है और इसके लिए अपने लागत और खर्चों को कम कर रही है। साथ ही इस बीच कंपनी की आमदनी बढ़ने की रफ्तार भी कम हुई है और स्टार्टअप इकोसिस्टम में फंडिंग की उपलब्धता भी घटी है। मनीकंट्रोल को दो सूत्रों ने बताया कि कंपनी इंजीनियरिंग, सेल्स, लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन टीमों से लोगों की छंटनी कर रही है।
इंजीनियरिंग टीम से करीब 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है, जबकि लॉजिस्टिक्स टीम में कर्मचारियों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटा दी गई है। एक अन्य सूत्र ने कहा कि Byju’s अब लॉजिस्टिक्स को थर्ड-पार्टी से आउटसोर्स कर रहा है। इसलिए कंपनी ने अपनी इन-हाउस लॉजिस्टिक्स टीम में लोगों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम कर दी है।
यह भी ध्यान दिए जाने वाली बात है कि Byju’s के को-फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन ने कर्मचारियों को भेजे कई इंटरनेल मेल में यह भरोसा दिया था कि कंपनी अब कोई छंटनी नहीं करेगी क्योंकि वह पहले ही अक्टूबर में अपने 5 प्रतिशत या करीब 2,500 कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है।
अक्टूबर में कर्मचारियों को भेजे एक इंटरनल ईमेल में रवींद्रन ने यह भी कहा था कि, "बायजू भविष्य में छंटनी वाले कर्मचारियों को दोबारा कंपनी में नौकरी देने में प्राथमिकता देगी क्योंकि कंपनी कई सारे बदलाव कर रही है और इस दौरान कई नए पद बनेंगे, जिन पर कंपनियों को दोबारा हायरिंग की जरूरत होगी।"
दिलचस्प बात यह है कि किसी भी कर्मचारी को ईमेल के जरिए छंटनी के बारे में नहीं बताया गया क्योंकि कंपनी को शक था कि ईमेल लीक हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि कर्मचारियों को नॉर्मल मैसेज भेजकर या वॉट्सऐप कॉल के जरिए एक गूगल मीट को जॉइन करने को कहा था, जहां उन्हें छंटनी के बारे में सूचना दी गई।
इस छंटनी का शिकार अविनाश (बदला हुआ नाम) भी हुए हैं। अविनाश ने बताया कि वह 30 जनवरी को छुट्टी पर थे। इस दौरान उन्हें कंपनी से एक वॉट्सऐप कॉल आया था, जिसे वह उठा नहीं पाए थे। उन्होंने बताया, "24 घंटे के अंदर मुझे पता चला कि मेरे चार सहयोगियों को निकाल दिया गया है। फिर यह संख्या 6 हो गई।"
अविनाश को बाद में पता चला कि उन सभी को वॉट्सऐप कॉल पर नौकरी से निकाल गया था। वॉट्सऐप कॉल पर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट, ह्यूमन रिसोर्स टीम के एक सदस्य और उनकी टीम के डायरेक्टर भी जुड़े थे। अविनाश ने बताया, "उन्हें बताया गया कि उनकी टीम कंपनी को पर्याप्त रेवेन्यू नहीं दे रही है, इसलिए उन्हें जाना होगा। यह एक तरह से मजाक था क्योंकि हमारे कार्यों में कंपनी के लिए रेवेन्यू पैदा करना नहीं आता है।"
बाद में अविनाश को एचआर टीम से एक गूगल मीट लिंक भेज गया, जिस पर जुड़ने के बाद उन्हें छंटनी की जानकारी दी गई।