इस साल भी टेक्नोलॉजी सेक्टर में जमकर छंटनी हो रही है। सोशल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन (LinkedIn) भी लोगों को निकालने की रेस में पीछे नहीं है। रॉयटर्स को मामले की जानकारी रखने वालों से पता चला है कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों को छंटनी के बारे में सूचित करने की योजना बनाई है। लिंक्डइन ने अपनी टीमों को पुनर्गठित करने और कर्मचारियों का ध्यान उन क्षेत्रों पर केंद्रित करने की योजना बनाई है, जहां कंपनी का कारोबार बढ़ रहा है। इसके लिए यह कुल कर्मचारियों की संख्या में लगभग 5 प्रतिशत की कटौती करने वाली है।
लिंक्डइन की वेबसाइट के अनुसार, कंपनी के पास दुनिया भर में 17,500 से अधिक फुल टाइम वर्कर हैं। अभी यह सामने नहीं आया है कि छंटनी का असर किन टीमों पर होगा। कंपनी का मालिकाना हक माइक्रोसॉफ्ट के पास है। माइक्रोसॉफ्ट की सिक्योरिटी फाइलिंग के अनुसार, यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब लिंक्डइन का रेवेन्यू, पिछली तिमाही में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ा है।
मामले से परिचित एक व्यक्ति ने रॉयटर्स को बताया कि छंटनी का कारण लिंक्डइन में नौकरियों की जगह आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) का आना नहीं है। फिर भी, AI से होने वाले बदलावों का खतरा सॉफ्टवेयर कंपनियों और आम तौर पर कर्मचारियों पर मंडरा रहा है।
धड़ाधड़ निकाले जा रहे हैं लोग
टेक्नोलॉजी कंपनियां तेजी से अपने कामकाज को AI के हिसाब से ढाल रही हैं। सिस्को लगभग 4000 जॉब कट कर सकती है। जैक डोर्सी की कंपनी ब्लॉक ने इस साल फरवरी में घोषणा की थी कि वह अपने लगभग आधे कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है। क्लाउडफ्लेयर ने पिछले सप्ताह लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों की कटौती की घोषणा की थी। मेटा प्लेटफॉर्म्स 20 मई को बड़ी छंटनी करने की योजना बना रही है।
टेक कर्मचारियों के लिए छंटनी पर नजर रखने वाली वेबसाइट Layoffs.fyi के अनुसार, इस साल अब तक 103,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है। यह संख्या 2025 में Layoffs.fyi द्वारा दर्ज की गई कुल 124,000 से अधिक लोगों की छंटनी के आंकड़े के करीब पहुंच रही है।