Sensex-Nifty movement on RBI Announcement: केंद्रीय बैंक आरबीआई (RBI) ने इस बार भी रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर स्थिर रखा है। चूंकि आरबीआई के रेपो रेट के ऐलान और आरबीआई गवर्नर की स्पीच का मार्केट पर काफी असर दिखता है और आमतौर पर तेज हलचल रहती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ क्योंकि मार्केट को पहले से ही उम्मीद थी कि रेपो रेट स्थिर रहेगा। ऐसे में मार्केट के लिए चौंकाने वाला ऐलान ये होता है कि अगर रेपो रेट में कोई बदलाव होता। हालांकि आरबीआई गवर्नर की स्पीच के बाद जरूर सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए क्योंकि आरबीआई गवर्नर ने वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 6.6% कर दिया। हालांकि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर पर आरबीआई के भरोसे ने मार्केट को उबारने में मदद की।
कैसा रहा Sensex में उतार-चढ़ाव
फिलहाल 11:05 AM पर सेंसेक्स 228.97 प्वाइंट्स यानी 0.31% की बढ़त के साथ 74,588.98 और निफ्टी 61.00 प्वाइंट्स यानी 0.26% के उछाल के साथ 23,477.55 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 74,717.57 के हाई और 74,117.85 के निचले स्तर और निफ्टी 50 भी 23,516.35 के हाई और 23,331.80 के निचले स्तर तक आया था। आरबीआई गवर्नर की स्पीच के दौरान मार्केट के मूवमेंट की बात करें तो जब उन्होंने स्पीच शुरू की तो सेंसेक्स 74,450 के आस-पास था, और 10:04 पर 74600 के करीब पहुंच गया और थोड़ी ही देर में 10:10 पर 74700 के करीब पहुंच गया। हालांकि फिर 10:25 के आस-पास स्पीच खत्म होने के बाद मार्केट उतरने लगा और अगले 10 मिनट में ही इसका रंग बदल गया और यह ग्रीन से रेड हो गया। इसके बाद 11:00 AM के आसपास मार्केट ने फिर चाल बदली और यह ग्रीन हो गया।
आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर बनाए रखा है। इससे पहले दिसंबर 2025 में इसमें 25 बीपीएस की बढ़ोतरी की गई थी और तब से लगातार तीसरी बार आरबीआई के मौद्रिक नीतियों की कमेटी (MPC) ने इसे स्थिर रखा है और न्यूट्रल नजरिया भी बरकरार रखा है लेकिन वित्त वर्ष 2027 के लिए रियल GDP ग्रोथ अनुमान को 6.90% से घटाकर 6.60% कर दिया है। खास बात यह है कि गवर्नर ने कहा कि एनर्जी की महंगी कीमतों का असर रिटेल प्रोडक्ट्स पर भी साफ दिख रहा है और लागत बढ़ने और अनिश्चितता से निवेशकों का भरोसा कम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का असर खेती और ग्रामीण मांग पर पड़ेगा। सर्विस सेक्टर में लगातार तेजी,GST का असर और स्थिर रोजगार शहरी खपत को सहारा देते रहेंगे। हालांकि,कमजोर ग्लोबल मांग और लॉजिस्टिक्स की ऊंची लागत का माल के निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है। आरबीआई गवर्नर के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर मजबूत बना हुआ है और बिजनेस की उम्मीदें भी पॉजिटिव हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।