7th Pay Commission: केंद्र सरकार जल्द ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allwance - DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief) बढ़ा सकती है। बढ़ती महंगाई से लड़ने के लिए केंद्र सरकार समय-समय पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करती है। इसे आमतौर पर हर साल दो बार जनवरी और जुलाई में रिवाइज किया जाता है। डीए और इसकी पेमेंट में होने वाली बढ़ोतरी मार्च में की जाती है।
एक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी इस बार महंगाई भत्ते में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद कर सकता है?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए का कैलकुलेशन CPI-IW इंडेक्स के आधार पर किया जाता है। श्रम मंत्रालय की एक ब्रांच लेबर ब्यूरो हर महीने CPI-IW डेटा जारी करती है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन इन इंडेक्स के आधार पर एक तय फॉर्मूला से की है। अगर देखें तो पिछले 12 महीनों का औसत CPI-IW 372.2 है। फॉर्मूले की मानें तो डीए 42.37 फीसदी पर आ रहा है। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि केंद्र सरकार महंगाई भत्ते को 4 फीसदी बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर सकती है।
अभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को क्रमशः 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत मिल रही है। केंद्र सरकार ने आखिरी डीए बढ़ोतरी की घोषणा 28 सितंबर 2022 को की थी। यह 1 जुलाई 2022 से लागू हुआ था। डीए और डीआर में अगर 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो यह 38 फीसदी से बढ़कर 42 फीसदी हो जाएगा। डीए में यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2023 से लागू होगी।
4% DA बढ़ोतरी से केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी?
डीए की कैलकुलेशन बेसिक वेतन के आधार पर की जाती है। हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी को महंगाई भत्ता और महंगाई राहत मिलती है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए में बढ़ोतरी से उनकी टेक-होम सैलरी बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए केंद्र सरकार के एक कर्मचारी को हर महीने 25,500 रुपये का बेसिक वेतन मिलता है। 38 फीसदी पर उनका महंगाई भत्ता 9,690 रुपये था। अब अगर डीए बढ़कर 42 फीसदी हो जाता है तो उनका डीए बढ़कर 10,710 रुपये हो जाएगा। तो यानी अब उनके वेतन में 10,710 - 9,690 = 1,020 रुपये हर महीने की बढ़ोतरी हो जाएगी।