Adani Group Stocks: अदाणी ग्रुप (Adani Group) की तीन कंपनियों को एक्सचेंजों से बड़ी राहत मिली है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने ग्रुप की तीन कंपनियों- अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises), अदाणी पॉवर (Adani Power) और अदाणी विल्मर (Adani Wilmar) को शॉर्ट टर्म एडीशनल सर्विलांस नॉर्म्स (ASM) से बाहर निकाल दिया है। इन स्टॉक पर आज 17 मार्च से निगरानी खत्म हो गई है। अदाणी ग्रुप की इन तीनों कंपनियों को बीएसई और एनएसई ने 8 मार्च को एएसएम फ्रेमवर्क के तहत रखा था।
एनएसई के मुताबिक अब सभी मौजूदा डेरिवेटिव कांट्रैक्ट्स पर एएसएम से पहले के मार्जिन को बहाल किया जाएगा। अब सभी नए पोजिशंस पर मार्जिन 50 फीसदी या मौजूदा लेवल, इनमें से जो अधिक हो, वह लागू होगा। एक्सचेंजों ने टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) लिमिटेड (TTML) को भी इस फ्रेमवर्क से बाहर किया है।
शेयरों पर क्या दिख रहा असर
जो तीन स्टॉक्स फ्रेमवर्क से बाहर निकले हैं, वे सभी आज ग्रीन जोन में हैं। अदाणी पॉवर (Adani Power) 1.53 फीसदी की तेजी के साथ 201.80 रुपये, अदाणी विल्मर (Adani Wilmar) 1.91 फीसदी के उछाल के साथ 429.00 रुपये और अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) 1.77 फीसदी चढ़कर बीएसई पर 1875.25 रुपये पर ट्रेड हो रहा है। बाकी स्टॉक्स की बात करें तो इनकी भी हालत बेहतर है। वहीं अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) तो 5 फीसदी उछलकर 816.80 रुपये के अपर सर्किट पर पहुंच गया है।
अदाणी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) 3.22 फीसदी की तेजी के साथ 1007.50 रुपये, अदाणी टोटल गैस (Adani Total Gas) 1.75 फीसदी चढ़कर 904.00 रुपये, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports and Special Economic Zone) 0.28 फीसदी उछलकर 681.05 रुपये, एनडीटीवी (NDTV) 0.77 फीसदी के उछाल के साथ 210.70 रुपये, एसीसी (ACC) 0.16 फीसदी मजबूत होकर 1756.00 रुपये और अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) 0.25 फीसदी उछलकर 379.55 रुपये के भाव पर ट्रेड हो रहा है।
ASM Framework में कैसे रखा जाता है स्टॉक्स को
जब किसी स्टॉक में बहुत उतार-चढ़ाव होता है तो निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक्सचेंज इन्हें एएसएम फ्रेमवर्क में डाल देते हैं जो शॉर्ट टर्म के लिए भी हो सकता है और लॉन्ग टर्म के लिए भी। एएसएम के तहत हाई-लो वैरिएशन, क्लाइंट कंसेंट्रेशन, प्राइस बैंड हिट्स की संख्या, क्लोज-टू-क्लोज प्राइस वैरिएशन और प्राइस-अर्निंग रेश्यो जैसे पैरामीटर्स के आधार पर सिक्योरिटीज को शॉर्टलिस्ट किया जाता है। इस फ्रेमवर्क में आने के बाद इंट्रा-डे ट्रेडिंग के लिए 100 फीसदी अपफ्रंट मार्जिन की जरूरत पड़ती है।