7th Pay Commission: केंद्र की मोदी सरकार कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को लेकर बड़ा प्लान बना रही है। सरकार अगर इस प्लान को अमल में लाती है तो कर्मचारियों के वेतन (Salary Update) और पेंशन (Pension Update) में बंपर इजाफा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत कर्मचारयों की मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। अभी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 15,000 रुपये है और इस पर पेंशन और पीएफ के लिए अंशदान होता है। ये न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 21,000 रुपये किये जाने पर विचार किया जा रहा है। ऐसा होने पर पेंशन और पीएफ के लिए कटने वाला पैसा बढ़ जाएगा।
21,000 रुपये होगी न्यूनतम बेसिक सैलरी
अभी कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 15,000 रुपये है, जिसको बढ़ाकर 21,000 रुपये किये जाने पर फैसला होना है। न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ने पर पीएफ और पेंशन के लिए होने वाला अंशदान बढ़ जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि बेसिक सैलरी बढ़ने से पेंशन में अपने आप इजाफा हो जाएगा।
सरकार ने साल 2014 में बढ़ाई थी न्यूनतम सैलरी
केंद्र सरकार ने आखिरी बार न्यूनतम बेसिक सैलरी साल 2014 में बढ़ाई थी। तब कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ाकर 15,000 रुपये की थी। अब सरकार एक बार फिर न्यूनतम बेसिक सैलरी बढाने पर विचार कर रही है। सैलरी बढ़ने से पेंशन और पीएफ का हिस्सा अपने आप बढ़ा जाएगा। साथ ही सैलरी में भी इजाफा होगा। बेसिक सैलरी के साथ मिलने वाले भत्तों में भी इजाफा होगा।
अभी ऐसे कैलकुलेट होता है पीएफ के लिए कॉन्ट्रिब्यूशन
अभी कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी पर पेंशन और पीएफ का कैलकुलेशन 15,000 रुपये पर होता है। अभी EPS खाते में अधिकतम 1250 रुपये का योगदान होता है। सरकार के बेसिक वेतन 21,000 रुपये किये जाने पर कॉन्ट्रिब्यूशन बढ़कर 1749 रुपये मंथली हो जाएगा। यानी ये 21,000 रुपये का 8.33 फीसदी होगा। पेंशन बढ़ने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसे में भी इजाफा होगा। बेसिक वेतन बढ़ने से हाथ आने वाली सैलरी भी बढ़ जाएगी क्योंकि भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी। भत्ते भी बेसिक सैलरी के आधार पर कैलकुलेट किये जाते हैं।