7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों 1 जुलाई 2021 के बाद रुका हुआ महंगाई भत्ता (Dearness Allowance -DA) मिलने की उम्मीद है। इससे कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा हो जाएगा।

कर्मचारियों के लिए DA सबसे जरूरी सैलरी कंपोनेंट है। सरकार भी इसका पूरी तरह से खयाल रखती है। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों को DA 17 फीसदी मिल रहा है। जुलाई से इसमें 3 किस्त जुड़ने की संभावना है, जो कि यह बढ़कर करीब 28 फीसदी हो जाएगा। इससे सराकर के 52 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को फायदा मिलेगा।

जानिए क्या है महंगाई भत्ता (DA)

आमतौर पर चर्चा में रहने वाला महंगाई भत्ता (Dearness allowance) आखिर होता क्या है? इसका कैसे कैलकुलेशन किया जाता है। बता दें कि DA एक ऐसा पैसा है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनके रहने-खाने के स्तर (Cost of Living) को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है। ये पैसा इसलिए दिया जाता है, ताकि महंगाई बढ़ने के बाद भी कर्मचारी के रहन-सहन के स्तर में बदलाव न आए। यह पैसा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलता है।

कब से हुई शुरुआत

इसकी शुरुआत दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हुई थी। उस वक्त सिपाहियों को खाने और दूसरी सुविधाओं के लिए सैलरी से अलग पैसे दिए जाते थे। तब इसे खाद्य महंगाई भत्ता या Dearness food allowance कहते थे। DA की सबसे पहली शुरुआत मुंबई में हुई थी। इसके बाद सभी सरकारी कर्मचारियों को DA का लाभ दिया जाने लगा।

हर 6 महीने में इसमें बदलाव किया जाता है। यह जनवरी और जुलाई में आमतौर पर बदला जाता है। यह महंगाई भत्ता सैलरी के आधार पर दिया जाता है। अर्बन, सेबी अर्बन और रूरल इलाकों में नौकरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) अलग-अलग तय किया गया है।

इसका कैलकुलेशन सैलरी के आधार पर किया जाता है। इसके लिए एक फार्मूला तय किया गया है, जोकि consumer price index या CPI से तय होता है। 

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