8th Pay Commission: NC-JCM ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का दिया प्रस्ताव, जानिए इस हिसाब से कितनी बढ़ेगी सैलरी

8th Pay Commission: NC-JCM ने 8वें वेतन आयोग में 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है, जिससे न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 हो सकता है। जानिए अलग-अलग लेवल पर सैलरी कितनी बढ़ेगी और क्या असर पड़ेगा।

अपडेटेड Apr 16, 2026 पर 3:48 PM
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NC-JCM ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया है।

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मैकेनिज्म (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग को अपनी मांगों का साझा ज्ञापन दे दिया है। इसमें सैलरी बढ़ोतरी, भत्तों और सेवा से जुड़े कई अहम सुझाव शामिल हैं। NC-JCM सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत का सबसे बड़ा मंच है।

न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने की मांग

सबसे बड़ी मांग न्यूनतम वेतन को लेकर है। NC-JCM ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया है। इसके आधार पर न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की बात कही गई है।


संस्था ने सालाना 6% इंक्रीमेंट की मांग की है। इसके अलावा प्रमोशन के समय दो इंक्रीमेंट देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें कम से कम ₹10,000 का फायदा होना चाहिए। साथ ही एक महीने के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी जैसी मांगें भी शामिल हैं।

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया क्या है

8वां वेतन आयोग फिलहाल अलग-अलग हितधारकों से बातचीत कर रहा है, ताकि व्यापक फीडबैक लिया जा सके। इन सुझावों के आधार पर सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की सिफारिश की जाएगी। इससे 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनर्स को फायदा मिल सकता है।

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है

फिटमेंट फैक्टर एक तरह का मल्टीप्लायर होता है, जिससे नई सैलरी तय की जाती है। यह महंगाई और जीवनयापन की लागत को ध्यान में रखकर तय किया जाता है और मौजूदा बेसिक पे पर लागू किया जाता है।

इससे सभी कर्मचारियों की सैलरी एक समान अनुपात में बढ़ती है। उदाहरण के तौर पर, 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। 6वें वेतन आयोग की ₹7,000 बेसिक सैलरी को इससे गुणा करने पर 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन ₹18,000 हो गया था।

7वें वेतन आयोग में सैलरी स्ट्रक्चर

7वें वेतन आयोग के तहत पे मैट्रिक्स लेवल 1 की बेसिक सैलरी ₹18,000 से शुरू होकर ₹56,900 तक जाती है। वहीं लेवल 2 की सैलरी ₹19,900 से ₹63,200 तक होती है।

पूरे पे मैट्रिक्स में कुल 18 लेवल होते हैं, जिनमें सीनियर पदों के लिए ज्यादा सैलरी मिलती है। इसके अलावा HRA, प्रोविडेंट फंड और दूसरे भत्ते भी मिलते हैं।

3.833 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित सैलरी

अगर 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो अलग-अलग लेवल पर सैलरी कुछ इस तरह हो सकती है:

पे स्केल 1 (लेवल 1): ₹18,000-₹56,900 → ₹69,000

  • पे स्केल 2 (लेवल 2 और 3 मर्ज): ₹21,700-₹69,100 → ₹83,200
  • पे स्केल 3 (लेवल 4 और 5 मर्ज): ₹29,200-₹92,300 → ₹1,12,000
  • पे स्केल 4 (लेवल 6): ₹35,400-₹1,12,400 → ₹1,35,700
  • पे स्केल 5 (लेवल 7 और 8 मर्ज): ₹47,600-₹1,51,100 → ₹1,82,500
  • पे स्केल 6 (लेवल 9 और 10 मर्ज): ₹56,100-₹1,77,500 → ₹2,15,100
  • पे स्केल 7-13 (लेवल 11-17): 3.833 फिटमेंट फैक्टर के साथ जारी रहेंगे।

आखिरी फैसला सरकार पर

यह पूरा प्रस्ताव फिलहाल शुरुआती चरण में है। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

लेकिन इतना साफ है कि अगर ये मांगें मान ली जाती हैं, तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

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