8th Pay Commission Pension Revision Demands: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ देश के करीब 65 लाख रिटायर्ड पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। आयोग इस समय विभिन्न राज्यों का दौरा करके कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और हितधारकों से मुलाकात कर सुझाव जुटा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग के कार्यक्षेत्र में 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर होने वाले पेंशनर्स की पेंशन की समीक्षा करना भी शामिल है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने पेंशन को लेकर कई बड़ी और क्रांतिकारी मांगें रखी हैं। आइए समझते हैं कि पेंशनर्स के लिए क्या-क्या मुख्य मांगें की गई हैं और इन्हें कब तक लागू किया जा सकता है।
प्रमुख कर्मचारी संगठनों की क्या हैं मांगें?
नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) जैसे बड़े संगठनों ने आयोग को अपनी विस्तृत मांगें सौंपी हैं:
NC-JCM: संशोधित वेतन के साथ पेंशन का स्ट्रक्चरल अलाइनमेंट किया जाए।
महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में सुधार और इसे DA से जोड़ा जाए।
AIDEF: नए रिवाइज्ड पे-स्ट्रक्चर के आधार पर सभी पेंशनर्स के लिए एक समान पेंशन लागू की जाए।
पेंशन रिवीजन से जुड़ी 5 सबसे बड़ी मांगें
हितधारकों और कर्मचारी यूनियनों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें नीचे दी गई हैं:
उम्र के हिसाब से कितनी पेंशन बढ़ाने की है मांग?
संगठनों ने बढ़ती उम्र के साथ पेंशनर्स की चिकित्सा और अन्य जरूरतों को देखते हुए इस प्रकार पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है:
आयोग का अगला शेड्यूल और देशव्यापी बैठकें
8वें वेतन आयोग ने अप्रैल, मई और जून में कई राज्यों का दौरा किया है। जुलाई में भी बैठकों का दौर जारी है:
भुवनेश्वर (ओडिशा): 6 और 7 जुलाई को आयोग यहां हितधारकों के साथ अहम चर्चा कर रहा है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 15 जून को ही बंद हो चुके थे।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): इसके बाद आयोग 9 और 10 जुलाई को कोलकाता का दौरा करेगा।
मुंबई दौरा: आयोग ने मुंबई में सेंट्रल रेलवे जोन के तहत विभिन्न रेलवे विभागों का दौरा करने की इच्छा भी जताई है, ताकि कर्मचारियों की कामकाजी परिस्थितियों को करीब से समझा जा सके।
कब तक लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?
आमतौर पर वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में गठन के बाद से करीब 18 महीने का समय लगता है, जो मध्य-2027 (फरवरी या अप्रैल 2027) के आसपास पूरा होगा।
रिपोर्ट सौंपने के बाद, पिछले ट्रेंड्स बताते हैं कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने और इसे पूरी तरह लागू होने में 2 से 3 साल का समय लग जाता है। इसका मतलब है कि 2027 में घोषित होने वाली वेतन और पेंशन बढ़ोतरी साल 2029 या 2030 तक पूरी तरह से जमीन पर लागू हो पाएगी।