निलेश शाह ने दी घरों में रखे सोना और कैश के इस्तेमाल की सलाह, कहा-इससे बदल जाएगी निवेश की तस्वीर

निलेश शाह ने FICCI के 23वें एनुअल मार्केट्स कॉन्फ्रेंस में इनवेस्टमेंट के बारे में कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग गोल्ड और कैश में पैसा रखते हैं। फाइनेंशियल इंडस्ट्री को ऐसे प्रोडक्ट्स लाने की जरूरत है, जिनमें लोग सेविंग्स का अपना पैसा लगा सकें

अपडेटेड Aug 19, 2026 पर 5:34 PM
निलेश शाह ने ऐसा म्यूचुअल फंड शुरू करने की भी सलाह दी जो सिर्फ REITs में निवेश करेगा।

कोटक एएमसी के एमडी और सीईओ निलेश शाह ने सेबी को एक खास सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि परिवारों को सेविंग्स का पैसा फाइनेंशियल एसेट्स में लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इसके लिए सेबी को नए प्रोडक्ट स्ट्रक्चर पर विचार करना चाहिए। इनमें गोल्ड लिंक्ड प्रोडक्ट, चेक राइटिंग फैसिलिटी वाले मनी मार्केट फंड्स और रीट्स के लिए डेडिकेटेड म्यूचुअल फंड हो सकते हैं।

बड़ी संख्या में लोग घरों में सोना और कैश रखते हैं

शाह ने FICCI के 23वें एनुअल मार्केट्स कॉन्फ्रेंस में इनवेस्टमेंट के बारे में कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग गोल्ड और कैश में पैसा रखते हैं। फाइनेंशियल इंडस्ट्री को ऐसे प्रोडक्ट्स लाने की जरूरत है, जिनमें लोग सेविंग्स का अपना पैसा लगा सकें।


शाह ने सेबी के होल-टाइम मेंबर के सवाल के दिए जवाब

कोटक एएमसी के प्रमुख ने सेबी के होल-टाइम मेंबर अमरजीत सिंह के उस सवाल का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या मौजूदा नियम म्यूचुअल फंड्स को घरेलू सेविंग्स को अट्रैक्ट करने की पूरी छूट नहीं देते और क्या इंडियन मार्केट में प्रोडक्ट स्ट्रक्चर्स मौजूद नहीं हैं।

2005 में गोल्ड-लिंक्ड प्रोडक्ट शुरू करने पर हुआ था विचार

शाह ने एक प्रोडक्ट के बारे में बताया, जिसका प्रस्ताव 2005 में आया था। इस प्रोडक्ट में रिटेल इनवेस्टर के 100 रुपये के निवेश को गोल्ड-लिंक्ड ऑप्शन और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में बांटने का प्रस्ताव था। उन्होंने कहा, "हम रिटेल इनवेस्टर से 100 रुपये लेते और 7 रुपये गोल्ड ऑप्शन में लगाते। बाकी गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में इनवेस्ट करते।"

रेगुलेशन से जुड़ी चिंता की वजह से बाजार में नहीं आ सका प्रोडक्ट

उन्होंने कहा, "हम ऐसे प्रोडक्ट पर विचार कर रहे थे, जिसमें गोल्ड की कीमतें गिरने पर निवेशकों का पैसा नहीं डूबता। लेकिन, गोल्ड की कीमतें बढ़ने पर उन्हें फायदा होता। इसके अलावा उन्हें अपने पैसे पर सुरक्षा मिलती। इतना ही नहीं, उन्हें कुछ रिटर्न भी मिलता।" लेकिन, रेगुलेटर से जुड़ी चिंता की वजह से यह प्रोडक्ट नहीं आ सका।

चेक-राइटिंग फैसिलिटी वाले मनी मार्केट प्रोडक्ट पर भी होना चाहिए विचार

शाह ने कहा कि ऐसे प्रोडक्ट पर हम फिर से विचार कर सकते है, क्योंकि अब देश के फाइनेंशियल मार्केट्स और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क विकसित हो चुके हैं। उन्होंने एक मनी मार्केट फंड का भी प्रस्ताव दिया, जिसमें चेक-राइटिंग फैसिलिटी शामिल हो सकती है।

दुनियाभर में चेक-इन फैसिलिटी वाले मनी मार्केट फंड का होता है इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोडक्ट में बैंक अकाउंट जैसी लिक्विडिटी मिलेगी। साथ ही उतना रिटर्न मिलेगा जितना शॉर्ट टर्म मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश पर मिलता है। उन्होंने कहा, "दुनियाभर में इनवेस्टर्स चेक-इन फैसिलिटी वाले मनी मार्केट फंड में निवेश करते हैं और उसका इस्तेमाल पेमेंट के लिए करते हैं।"

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सिर्फ REITs में निवेश करना वाला फंड शुरू करने की सलाह

शाह ने कहा, "सेबी ने रिटेल इनवेस्टर्स को REIT में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए काफी कोशिश की है। हमने रिटेल REIT में निवेश की इजाजत दी। क्या हम अब ऐसा फंड बना सकते हैं, जो सिर्फ रिटेल REIT में निवेश करेगा?" उन्होंने यह माना कि REIT की पर्याप्त लिस्टिंग, ट्रेड़िंग और सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी के बाद यह प्रोडक्ट अट्रैक्टिव बन सकता है।

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