Silver Price Today: यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर आज चांदी की कीमतों पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। भारत में चांदी के भाव में गिरावट आई हैं और यह ₹2.32 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,34,786 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियन्स के मुताबिक चांदी की कीमत 235,140 रुपये किलो हो गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमत लुढ़कर 2,45,000 रुपये प्रति किलो हो गई। आगे जानिए देश के अलग-अलग शहरों में चांदी के ताजा रेट क्या हैं।
इंटरनेशनल मार्केट कितने गिरे दाम
इंटरनेशनल मार्केट यानी Comex पर सोने और चांदी दोनों के दाम में भारी गिरावट आई है। Comex पर आंकड़ों की मानें तो खबर लिखे जाने तक सोना 1.47% तक गिरा और कीमत 4322.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी के दाम 1.69% तक गिर गए और ऐसे में कीमत 63.820 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।
दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट
देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2.45- 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद कारोबारी धारणा में सुधार होने से कारोबारियों की सटोरिया लिवाली से राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी के दाम में दो लगातार सत्र तक स्थिर रहने के बाद उछाल आया। यह पिछले बंद स्तर 2,34,600 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 7,000 रुपये बढ़कर 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। वैश्विक बाजार में, हाजिर चांदी 1.5 प्रतिशत बढ़कर 64.61 डॉलर प्रति औंस हो गई।
चांदी ने अब तक कितना रिटर्न दिया
सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी आई है। बुलियन डेटा के अनुसार, पिछले एक साल में चांदी की कीमत में 85.49% की बढ़त हुई है। 1 साल पहले चांदी की कीमत लगभग ₹1,26,850 प्रति किलोग्राम थी, जो अभी ₹2,35,140 है।
इस बढ़त का मतलब है कि अगर एक साल पहले सोने में ₹1 लाख का निवेश किया गया होता, तो बुलियन रेट के हिसाब से उसकी कीमत लगभग ₹1.39 लाख होती, जबकि चांदी में निवेश की गई उतनी ही रकम की कीमत लगभग ₹1.85 लाख होती (इसमें ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट और टैक्स शामिल नहीं हैं)।
ग्राहकों को बुलियन रेट को ही गहनों की आखिरी कीमत नहीं मानना चाहिए। मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू खर्चों को जोड़ने के बाद ज्वेलर को दी जाने वाली रकम ज़्यादा हो सकती है।
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