8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर और पेंशन हाइक पर चंडीगढ़ में 3 दिनों का महामंथन जारी, जानिए बैठक के अपडेट्स

8th Pay Commission Chandigarh Update: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की टीम 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर है। आयोग पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ के कर्मचारी यूनियनों व पेंशनभोगी संघों के साथ बैठकें कर रहा है। बैठक में बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर, HRA और पेंशन सुधारों पर सीधी चर्चा हो रही है। जानिए पूरा अपडेट

अपडेटेड Sep 17, 2026 पर 10:22 AM
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मार्च से शुरू हुआ यह परामर्श का दौर आयोग के अंतिम ड्राफ्ट के लिए बेहद अहम है

8th Pay Commission Chandigarh Visit: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। 8वां केंद्रीय वेतन आयोग 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर है। सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोग की टीम पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगी संघों, रेलवे और रक्षा कर्मियों के प्रतिनिधियों से सीधी चर्चा कर रही है।

इस दौरे का सीधा असर 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, अलाउंस और पेंशन पर पड़ने वाला है। आइए आपको बताते हैं कि इस 3 दिवसीय बैठक का एजेंडा क्या है और नए वेतन आयोग की सिफारिशें कब तक लागू होंगी।

चंडीगढ़ बैठक का क्या है मुख्य एजेंडा?


हालांकि वेतन आयोग ने कोई औपचारिक एजेंडा जारी नहीं किया है, लेकिन यूनियनों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनों के आधार पर बैठकों में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श हो रहा है:

फिटमेंट फैक्टर में संशोधन: बेसिक पे को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने पर सबसे ज्यादा जोर है।

बेसिक पे और सैलरी स्ट्रक्चर में सुधार: महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए बेसिक सैलरी का ढांचा तैयार करना।

महंगाई भत्ता: डीए की गणना और इसके समावेशन के नियमों की समीक्षा।

भत्तों का पुनर्गठन: हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसी सुविधाओं में जरूरी बढ़ोतरी।

पेंशन सुधार: रिटायरमेंट के बाद सुरक्षा और पेंशनभोगियों के लिए रिवाइज्ड पेंशन स्ट्रक्चर तय करना।

कर्मचारी कल्याण और सर्विस कंडीशन: काम के घंटे, भत्ते और मुआवजा प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार।

आयोग में कौन-कौन शामिल हैं?

8वें वेतन आयोग का नेतृत्व पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग के अन्य प्रमुख सदस्यों में:

पंकज जैन (सदस्य-सचिव, पूर्व आईएएस अधिकारी)

प्रोफेसर पुलक घोष (सदस्य, आईआईएम बैंगलोर में वित्त के प्रोफेसर और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य)

कब तक आएगी रिपोर्ट और कब लागू होंगी सिफारिशें?

नवंबर 2025 में गठित इस आयोग के पास अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय है। आयोग को अपनी रिपोर्ट मई 2027 तक सरकार को सौंपनी है।पिछले वेतन आयोगों के ट्रेंड को देखें तो सिफारिशों को पूरी तरह से लागू करने में करीब 2 साल का समय लगता है, यानी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 2029 या 2030 तक इसका पूरा लाभ मिलना शुरू होगा।

मार्च से शुरू हुआ यह परामर्श का दौर आयोग के अंतिम ड्राफ्ट के लिए बेहद अहम है। उत्तर भारत के चार प्रमुख राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी यूनियनों का फीडबैक यह तय करेगा कि आयोग सैलरी हाइक और फिटमेंट फैक्टर पर सरकार को क्या सिफारिश भेजने वाला है।

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