₹5 लाख बने ₹2.3 करोड़! 22 साल में इन 2 म्यूचुअल फंड्स ने किया कमाल, निवेशकों की खुली किस्मत

Mutual Funds Return: क्या 22 साल पहले लगाया गया ₹5 लाख का निवेश आज ₹2.3 करोड़ बन सकता है? जी हां! भारत के दो दिग्गज म्यूचुअल फंड्स ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू फंड और HSBC मिडकैप फंड ने अपने सफर के 22 साल पूरे कर लिए हैं और लंबे समय तक निवेशित रहने वाले निवेशकों को मालामाल कर दिया है

अपडेटेड Aug 19, 2026 पर 2:25 PM
जिन निवेशकों ने धैर्य बनाए रखा, उन्हें शानदार रिटर्न मिला है

Mutual Funds Compounding Power: अगर सही म्यूचुअल फंड स्कीम में लंबे समय तक निवेश बनाए रखा जाए, तो कंपाउंडिंग का जादू क्या कमाल दिखा सकता है, इसका बेहतरीन उदाहरण सामने आया है। अगस्त 2004 में लॉन्च हुई दो इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम्स ने अपने सफर के 22 साल पूरे कर लिए हैं।

इन 22 सालों में बाजार में कई उतार-चढ़ाव, मंदी और तेजी के दौर आए, लेकिन जिन निवेशकों ने धैर्य बनाए रखा, उन्हें इस अवधि में शानदार रिटर्न मिला है। लॉन्च के वक्त लगाए गए महज ₹5 लाख आज बढ़कर ₹2.3 करोड़ तक हो चुके हैं।

आइए जानते हैं इन दोनों स्कीम्स, उनके रिटर्न और पोर्टफोलियो के बारे में:


ICICI Prudential Value Fund: ₹5 लाख का फंड ऐसे बना ₹2.33 करोड़

ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू फंड भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के 'वैल्यू कैटेगरी' का सबसे बड़ा एक्टिवली मैनेज्ड फंड है। वैल्यू इन्वेस्टिंग स्ट्रेटेजी पर चलने वाले इस फंड ने 22 सालों में नया रिकॉर्ड बनाया है। अगस्त 2004 में अपनी शुरुआत से लेकर 31 जुलाई 2026 तक इस फंड ने 19.11% का सालाना (CAGR) रिटर्न दिया है।

₹1 लाख का निवेश: लॉन्च के समय लगाया गया ₹1 लाख का एकमुश्त निवेश 31 जुलाई 2026 तक बढ़कर ₹46.6 लाख हो गया। इसकी तुलना में Nifty 50 TRI में ₹1 लाख का निवेश 14.63% CAGR के हिसाब से ₹20.1 लाख ही बना।

₹5 लाख का निवेश: अगर किसी निवेशक ने शुरुआत में ₹5 लाख लगाए होते, तो आज उसकी कुल वैल्यू ₹2.33 करोड़ हो चुकी होती।

फंड का साइज (AUM): AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक इस अकेले फंड का AUM ₹61,102.29 करोड़ दर्ज किया गया, जो पूरी वैल्यू कैटेगरी के कुल एसेट का लगभग 28% है।

HSBC Midcap Fund: ₹5 लाख बने ₹2.26 करोड़

22 साल का सफर पूरा करने वाली दूसरी स्कीम है - HSBC मिडकैप फंड। यह फंड मिड-कैप शेयरों में बॉटम-अप अप्रोच के साथ अनुशासित निवेश रणनीति अपनाता है।अगस्त 2004 से अब तक इस फंड ने 18.92% का CAGR रिटर्न जनरेट किया है। लॉन्च के समय लगाए गए ₹1 लाख आज ₹45.15 लाख और ₹5 लाख का निवेश ₹2.26 करोड़ बन चुका है।

पिछले 1 साल में इस फंड ने 17.83% का रिटर्न दिया है। वहीं, 3 साल में 23.17%, 5 साल में 17.71% और 10 साल में 16.44% का सालाना CAGR रिटर्न दिया है। अगर किसी निवेशक ने शुरुआत से हर महीने ₹10,000 की एसआईपी की होती, तो आज उसका फंड बढ़कर ₹2.43 करोड़ हो गया होता।

आपको बता दें कि 31 जुलाई 2026 तक इस फंड का कुल AUM ₹15,578 करोड़ था। फंड का पोर्टफोलियो 55 इक्विटी शेयरों में फैला है, जिसमें इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, रिटेलिंग, इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग, एनबीएफसी (NBFCs) और प्राइवेट बैंकों पर मुख्य फोकस है।

फंड मैनेजरों का क्या है मानना?

एचएसबीसी मिडकैप फंड की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और फंड मैनेजर चीनू गुप्ता के अनुसार, '22 साल पूरे होना एक बड़ा मील का पत्थर है। हमारा ध्यान हमेशा टिकाऊ कमाई और लंबी अवधि की ग्रोथ पोटेंशियल वाले क्वालिटी बिजनेस को खोजने पर रहा है। मिड-कैप सेगमेंट के मध्यम अवधि के आउटलुक को लेकर हम काफी पॉजिटिव हैं।'

कुल मिलाकर ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू फंड और HSBC मिडकैप फंड के 22 सालों के रिकॉर्ड यह साबित करते हैं कि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराए बिना लंबे समय तक अनुशासित निवेश बनाए रखना ही वेल्थ क्रिएशन की असली कुंजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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