UPI MDR Charge: UPI पेमेंट पर हर जगह एक जैसा MDR नहीं लगेगा। अलग-अलग सेक्टर के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस, पेट्रोल पंप, सरकारी बिल और एजुकेशन पेमेंट के लिए अलग MDR स्ट्रक्चर है।
UPI MDR Charge: UPI पेमेंट पर हर जगह एक जैसा MDR नहीं लगेगा। अलग-अलग सेक्टर के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस, पेट्रोल पंप, सरकारी बिल और एजुकेशन पेमेंट के लिए अलग MDR स्ट्रक्चर है।
इनमें कई जगह ₹2,000 तक के पेमेंट पर MDR नहीं है। वहीं बड़े पेमेंट के लिए फ्लैट फीस या अधिकतम सीमा वाला सिस्टम रखा गया है। NCPI ने बताया है कि किस सेक्टर में कितना MDR रहेगा।
ऑटोपे वाले UPI पेमेंट पर चार्ज नहीं लगेगा
UPI के चुनिंदा पेमेंट पर MDR लागू होने से उन लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं, जो ऑटोपे से पेमेंट करते हैं। इनमें Netflix, Amazon Prime जैसे OTT सब्सक्रिप्शन शामिल हैं। बिजली-पानी के बिल और म्यूचुअल फंड SIP भी इसी तरह ऑटोमैटिक कटते हैं।
NPCI ने अपने FAQ में यह बात साफ की है कि UPI ऑटोपे पर तय MDR चार्ज नहीं लगेगा।
कैपिटल मार्केट पेमेंट पर कितना MDR?
कैपिटल मार्केट से जुड़े UPI पेमेंट पर 0.02% MDR लगेगा। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन है।
यह नियम रेगुलेटेड कैपिटल मार्केट संस्थाओं से जुड़े पेमेंट पर लागू होगा। इसमें एसेट मैनेजमेंट कंपनियां यानी म्यूचुअल फंड की AMC, SEBI रजिस्टर्ड स्टॉकब्रोकर, सिक्योरिटीज डीलर और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं। UPI से डेट इंस्ट्रूमेंट खरीदने, म्यूचुअल फंड में निवेश करने और ब्रोकर वॉलेट में पैसा डालने जैसे पेमेंट भी इसमें शामिल हैं।
इंश्योरेंस प्रीमियम पर क्या चार्ज लगेगा?
इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए भी अलग MDR रखा गया है। ₹2,000 से ज्यादा के प्रीमियम पेमेंट पर 0.04% या ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा।
यानी इस कैटेगरी में ज्यादा रकम के पेमेंट पर सामान्य तरीके से MDR बढ़ता नहीं जाएगा। बड़े प्रीमियम का पेमेंट करने वालों के लिए यह व्यवस्था ज्यादा काम की हो सकती है। खास बात यह है कि साल में एक या दो बार प्रीमियम भरने वाले ग्राहकों के बड़े पेमेंट पर ज्यादा प्रतिशत के हिसाब से फीस नहीं बढ़ेगी।
पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट का नियम
पेट्रोल पंप पर ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर ₹5 का फ्लैट MDR रखा गया है। यानी पेट्रोल की रकम बढ़ने के साथ MDR भी उसी अनुपात में नहीं बढ़ेगा।
वहीं ₹2,000 तक के फ्यूल पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा। इसका मतलब छोटे पेट्रोल-डीजल पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा।
बिजली-पानी के बिल पर कितना MDR?
बिजली, पानी और पाइप्ड नेचुरल गैस जैसे यूटिलिटी पेमेंट के लिए भी अलग व्यवस्था है। ₹2,000 से ज्यादा के यूटिलिटी पेमेंट पर ₹5 प्रति ट्रांजैक्शन का MDR रखा गया है। ₹2,000 तक के पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा।
इसमें बिजली के बिल, नगर निकाय के पानी के शुल्क और पाइप्ड नेचुरल गैस के पेमेंट शामिल हैं। इस व्यवस्था का मकसद सरकारी बोर्ड और नगर निकायों के लिए डिजिटल बिल कलेक्शन को सस्ता रखना है।
स्कूल-कॉलेज की फीस पर क्या नियम है?
एजुकेशन पेमेंट को भी अलग कैटेगरी में रखा गया है। इसमें स्कूल की फीस, यूनिवर्सिटी की टर्म फीस और संस्थानों की एंट्रेंस एग्जाम फीस शामिल हैं। ₹2,000 तक के एजुकेशन पेमेंट पर MDR पूरी तरह फ्री रहेगा। ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट के लिए फ्लैट फीस या कैप वाली व्यवस्था का फायदा मिलेगा।
इससे बड़े एजुकेशन पेमेंट पर ज्यादा प्रतिशत के हिसाब से फीस लगने का बोझ कम होगा। स्कूल, कॉलेज और स्टूडेंट्स बड़ी फीस का पेमेंट भी डिजिटल तरीके से कर सकेंगे।
अलग-अलग सेक्टर के लिए अलग MDR क्यों?
NCPI का कहना है कि UPI पर हर तरह के पेमेंट का पैटर्न एक जैसा नहीं है। कहीं छोटे-छोटे पेमेंट होते हैं। वहीं कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस और एजुकेशन में एक बार में बड़ी रकम का पेमेंट हो सकता है।
इसी वजह से इन सेक्टर के लिए अलग MDR स्ट्रक्चर रखा गया है। कहीं प्रतिशत के हिसाब से MDR है। वहीं कुछ जगह फ्लैट फीस या अधिकतम सीमा तय की गई है। इससे बड़े पेमेंट पर MDR का खर्च नियंत्रित रखने की कोशिश की गई है।
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