UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर अब तस्वीर साफ है, जो 15 अक्टूबर से लागू होने वाली है। इसका हिसाब पेमेंट की रकम के आधार पर होगा। ₹2,000 तक के ट्रांजैक्शन पर कोई MDR नहीं लगेगा। इसके ऊपर 0.40% की दर से MDR की गणना होगी। हालांकि, बड़े पेमेंट पर इसकी अधिकतम सीमा भी तय है।
सरकार ने साफ किया है कि MDR ग्राहक को नहीं देना होगा। इसका भुगतान मर्चेंट यानी दुकानदार करेगा। यह रकम मर्चेंट के बैंक को मिलेगी। इसलिए ग्राहक के खाते से पेमेंट की रकम के अलावा MDR की रकम अलग से नहीं कटेगी।
किस पेमेंट पर कितना लगेगा MDR
₹3,000 के पेमेंट पर कितना MDR?
मान लीजिए आपने किसी दुकान पर ₹3,000 का UPI पेमेंट किया। इस रकम पर 0.40% MDR लगेगा। ₹3,000 का 0.40% ₹12 होता है। यानी मर्चेंट को इस ट्रांजैक्शन पर ₹12 MDR देना होगा।
अब ₹50,000 का पेमेंट लेते हैं। इसका 0.40% ₹200 होता है। यानी ₹50,000 के UPI पेमेंट पर मर्चेंट का MDR ₹200 होगा।
₹75,000 के बाद क्या होगा?
यहां एक जरूरी बात है। बड़े पेमेंट पर MDR की एक अधिकतम सीमा रखी गई है। ₹75,000 और उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर MDR ₹300 फिक्स रहेगा। इसके बाद पेमेंट की रकम बढ़ने पर भी MDR ₹300 से ज्यादा नहीं होगा।
इसे ₹1 लाख के पेमेंट से समझिए। ₹1 लाख का 0.40% ₹400 होता है। लेकिन यहां ₹300 की अधिकतम सीमा लागू होगी। इसलिए मर्चेंट को ₹400 नहीं, बल्कि ₹300 MDR देना होगा।
₹2,000 के पेमेंट पर कोई MDR नहीं
₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा। यानी ₹2,000 के पेमेंट पर मर्चेंट को कोई MDR नहीं देना होगा।
इसके बाद ₹3,000 पर ₹12 और ₹50,000 पर ₹200 MDR होगा। वहीं ₹75,000 या उससे ज्यादा के पेमेंट पर MDR ₹300 पर रुक जाएगा।