UPI पर ट्रांजेक्शन चार्ज को लेकर दुविधा में हैं? तो यहां जाने अपने हर सवाल का पूरा जवाब
पहले यह जान लें कि एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट क्या है। MDR वह कमीशन है, जिसका पेमेंट मर्चेंट बैंक को करते हैं। यह पेमेंट बैंक को डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने के एवज में किया जाता है। काफी समय से यूपीआई पर फीस लगाने की चर्चा चल रही थी
यूपीआई से पेमेंट करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। आगे यूपीआई से पेमेंट फ्री नहीं रहेगा। हालांकि, 2000 रुपये तक के पेमेंट को फीस से राहत दी गई है। इससे ज्यादा अमाउंट के पेमेंट पर एमडीआर लागू होगा। हालांकि, यह 15 अक्तूबर से लागू होगा। सवाल है कि 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर एमडीआर कितना होगा?
सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट क्या है। MDR वह कमीशन है, जिसका पेमेंट मर्चेंट बैंक को करते हैं। यह पेमेंट बैंक को डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने के एवज में किया जाता है। काफी समय से यूपीआई पर फीस लगाने की चर्चा चल रही थी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पहले कहा था कि यूपीआई हमेशा के लिए फ्री नहीं रह सकता है। उन्होंने कहा था कि इस पर कॉस्ट आती है और किसी न किसी को यह कॉस्ट उठाना पड़ता है।
यूपीआई पर एमडीआर चार्ज को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल चल रहे हैं। इसकी वजह यह है कि आज हर आदमी 1 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक के पेमेंट के लिए रोजाना यूपीआई का इस्तेमाल करता है। आम लोग सब्जी, फल, ग्रॉसरी जैसी रोजमर्रा की चीजों का पेमेंट भी यूपीआई से करते हैं। आइए कुछ जरूरी सवालों का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
क्या आम आदमी को UPI से पेमेंट के लिए कोई चार्ज देना होगा?
इस सवाल का जवाब है ना। यूपीआई की सर्विस कंज्यूमर्स के लिए फ्री बनी रहेगी। कंज्यूमर्स पहले की तरह से बगैर किसी चार्ज यूपीआआई के जरिए पेमेंट करते रहेंगे। आम आदमी को यूपीआई से पेमेंट के लिए फीस की चिंता करने की जरूरत नहीं है। एमडीआर पॉलिसी में यह कहा गया है कि यूपीआई सभी लोगों के लिए फ्री बना रहेगा।
क्या एक व्यक्ति अगर किसी दोस्त या रिश्तेदार को यूपीआई से पैसे ट्रांसफर करना चाहता है तो उसे चार्ज देना होगा?
इस सवाल का जवाब भी ना है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होने वाले ट्रांजेक्शन को P2P कहते हैं। पी2पी ट्रांजेक्शन आगे भी पूरी तरह से फ्री बना रहेगा। आपको परिवार के किसी सदस्य, रिश्तेदार या दोस्त को यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए किसी तरह की फीस नहीं चुकानी होगी। आप किसी भी अमाउंट को बैगर किसी फीस दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकेंगे।
क्या UPI ऐप अपने प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाले पेमेंट के लिए फीस लेंगे?
इस सवाल का जवाब भी नहीं है। यूपीआई ऐप यूपीआई के जरिए होने वाले पेमेंट के लिए प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल सहित किसी तरह की फीस कंज्यूमर्स से नहीं वसूलेंगे। यूपीआई ऐप को यूपीआई ट्रांजेक्शन पर किसी तरह की फीस वसूलने की इजाजत नहीं दी गई है।
चूंकि मर्चेंट्स को 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर एमडीआर चार्ज चुकाना होगा तो वे क्या वे चीजों के ज्यादा दाम वसूलेंगे?
इसका जवाब भी नहीं है। दरअसल, बाजार के समीकरण और अब तक का ट्रेंड यह बताता है कि मर्चेंट्स अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए नॉमिनल डिजिटल प्रोसेसिंग कॉस्ट का बोझ खुद उठाते हैं। चूंकि, यूपीआई पर लगने वाला एमडीआर चार्ज क्रेडिट कार्ड फीस से काफी कम है, जिससे मर्चेंट्स के इस चार्ज को ग्राहकों से वसूलने की उम्मीद नहीं है। ऐसा करने पर उनकी सेल्स पर असर पड़ेगा। इसका मतलब है कि आम लोगों को पहले की तरह यूपीआई से सिर्फ उतना है पैसा चुकाना होगा, जितनी उस चीज की कीमत होगी।
मर्चेंट को कितना एमडीआर चुकाना होगा?
NPCI यानी नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन के मुताबिक, 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट्स को 0.4 फीसदी एमडीआर चुकाना होगा। हालांकि, 75,000 रुपये या इससे ज्यादा के पेमेंट पर फीस यानी एमडीआर की 300 रुपये की सीमा लागू होगी।
मान लीजिए आपने किसी दुकान पर ₹3,000 का UPI पेमेंट किया। इस रकम पर 0.40% MDR लगेगा। ₹3,000 का 0.40% ₹12 होता है। यानी मर्चेंट को इस ट्रांजैक्शन पर ₹12 MDR देना होगा। अब ₹50,000 का पेमेंट लेते हैं। इसका 0.40% ₹200 होता है। यानी ₹50,000 के UPI पेमेंट पर मर्चेंट को MDR ₹200 चुकाना होगा।