8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! सैलरी रिवीजन से पहले इन्हें मिली ओल्ड पेंशन की सौगात

8th Pay Commission OPS Update: अब तक के नियम के मुताबिक, ओल्ड पेंशन का फायदा सिर्फ उन्हीं को मिलता था जिनकी जॉइनिंग 1 जनवरी 2004 से पहले हुई थी। लेकिन नए आदेश के बाद सरकार ने पात्रता तय करने का पैमाना बदल दिया है

अपडेटेड Jun 24, 2026 पर 9:46 AM
इस आदेश से देश भर के हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा फायदा होगा

8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग के गठन और बैठकों के बीच केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ी राहत दी है। जहां एक तरफ देश भर के कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme - OPS) को पूरी तरह बहाल करने की मांग पर अड़े हैं, वहीं सरकार ने एक खास केटेगरी के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का फायदा देने का ऐलान किया है।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने 22 जून 2026 को एक अहम आदेश जारी किया है। इसके तहत अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले कुछ खास कर्मचारियों को अब नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से हटाकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) के दायरे में लाया जाएगा।

सरकार ने नियमों में क्या बड़ा बदलाव किया है?


अब तक के नियम के मुताबिक, ओल्ड पेंशन का फायदा सिर्फ उन्हीं को मिलता था जिनकी जॉइनिंग 1 जनवरी 2004 से पहले हुई थी। लेकिन नए आदेश के बाद सरकार ने पात्रता तय करने का पैमाना बदल दिया है:

एप्लिकेशन की तारीख होगी मुख्य आधार: सरकार ने फैसला किया है कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में पात्रता तय करने के लिए 'असल नौकरी मिलने की तारीख' नहीं, बल्कि 'नौकरी के लिए आवेदन करने की तारीख' को मुख्य माना जाएगा।

कट-ऑफ डेट तय: अगर किसी कर्मचारी के परिवार के सदस्य ने 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था और वे उस समय पात्र थे, तो उन्हें अब सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स के तहत पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा।

प्रशासनिक देरी का समाधान: यह फैसला उन मामलों के लिए संजीवनी बनकर आया है जहां परिवारों ने 2004 में एनपीएस लागू होने से पहले आवेदन तो कर दिया था, लेकिन सरकारी लेटलतीफी या प्रशासनिक देरी के कारण उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद हुई।

किन्हें मिलेगा इस फैसले का सीधा फायदा?

अनुकांप नियुक्ति उन मामलों में दी जाती है जहां किसी सरकारी कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है या वे मेडिकल ग्राउंड पर रिटायर होते हैं, ताकि उनके परिवार को वित्तीय संकट से बचाया जा सके।

इस आदेश से देश भर के ऐसे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा फायदा होगा, जो सालों से अपनी पेंशन स्थिति को लेकर अदालतों और विभागों के चक्कर काट रहे थे। प्रशासनिक कमियों की वजह से इन्हें जबरन एनपीएस (NPS) में डाल दिया गया था, लेकिन अब ये ओल्ड पेंशन (OPS) के हकदार होंगे।

कर्मचारी यूनियन ने किया स्वागत, रखी एक और बड़ी मांग

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉय फेडरेशन (AINPSEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले आवेदन करने वाले अनुकंपा कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन में शिफ्ट करना एक पुरानी और बड़ी मांग का पूरा होना है। इसके लिए उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया।

इसके साथ ही, डॉ. पटेल ने सरकार से मांग की है कि वह एक कदम और आगे बढ़ाए और सभी रिटायर होने वाले कर्मचारियों को एक गारंटीड पेंशन का विकल्प दे, जो बाजार के उतार-चढ़ाव से मुक्त हो।

8वें वेतन आयोग से क्या है इसका कनेक्शन?

यह आदेश ऐसे समय पर आया है जब 8वें वेतन आयोग की लखनऊ में दो दिवसीय बैठकें 23 जून 2026 को ही संपन्न हुई हैं। इस बैठक में रेलवे, डिफेंस, हेल्थ, रेवेन्यू और कम्युनिकेशन जैसे बड़े विभागों के कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने अपनी मांगें रखी हैं।

पेंशन सुरक्षा इस समय 8वें वेतन आयोग के सामने सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है। कर्मचारी संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि उनकी रिटायरमेंट इनकम सुरक्षित और तय होनी चाहिए। फिलहाल सरकार का यह आदेश सिर्फ अनुकंपा नियुक्तियों तक सीमित है और इसे ओल्ड पेंशन की पूरी बहाली नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन इस फैसले से 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं में पेंशन रिफॉर्म को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

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